भादो अष्टमी के अवसर पर अर्धवार्षिक मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, सतनाम के जयघोष से गूंजा गिरौदपुरी धाम
श्रद्धा और उत्साह का बना माहौल
गिरौदपुरी। भादो अष्टमी के पावन अवसर पर सतनाम पंथ के महान संगठनकर्ता, सामाजिक चेतना के अग्रदूत एवं बलिदानी राजा गुरु बालकदास जी की जन्म जयंती गिरौदपुरी धाम में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित अर्धवार्षिक मेले में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
सतनाम के जयघोष से गूंजा धाम
गिरौदपुरी धाम में दिनभर सतनाम के जयघोष, गुरु वंदना और सांस्कृतिक गतिविधियों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु बालकदास जी को नमन करते हुए उनके बताए सत्य, समता, स्वाभिमान और सामाजिक एकता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे गुरु बालकदास
गुरु बालकदास जी सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास जी और माता सफूरा के द्वितीय सुपुत्र थे। उन्हें एक प्रभावशाली संगठनकर्ता, शूरवीर और समाज के स्वाभिमान के लिए संघर्ष करने वाले महान व्यक्तित्व के रूप में स्मरण किया जाता है।
पिता के विचारों को आगे बढ़ाया
गुरु बालकदास जी ने अपने पिता गुरु घासीदास जी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए समाज को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके व्यक्तित्व में आध्यात्मिक चेतना के साथ संगठन क्षमता, न्यायप्रियता और सामाजिक नेतृत्व का समन्वय दिखाई देता है।
साहस और स्वाभिमान के प्रतीक
गुरु बालकदास जी साहस, संगठन, न्याय और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने सामाजिक चेतना को मजबूत करने और समाज को संगठित करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका संघर्ष समाज में व्याप्त असमानता और अन्याय के विरुद्ध सामाजिक चेतना का प्रतीक माना जाता है।
सुबह से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू
गुरु बालकदास जयंती के अवसर पर गिरौदपुरी धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने गुरु बालकदास जी की स्मृति में पूजा-अर्चना और गुरु वंदना की तथा गिरौदपुरी धाम के विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।
अर्धवार्षिक मेले में उमड़ी भीड़
मेले में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे। सतनाम के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने गुरु बालकदास जी के आदर्शों को आत्मसात करने और सामाजिक एकता एवं स्वाभिमान के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
