मंदिर संचालन समिति ने शुरू की तैयारियां, 5 सितंबर को 56 भोग और भजन-कीर्तन
चक्रधरपुर। रेलवे क्षेत्र स्थित राधा गोविंद मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष 4 सितंबर को भव्य धार्मिक आयोजन के साथ मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर संचालन समिति की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार शाम समिति की बैठक आयोजित कर जन्माष्टमी के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
मध्यरात्रि में होगा भगवान श्रीकृष्ण का जन्म
समिति के अनुसार 4 सितंबर की देर रात भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु मध्यरात्रि के बाद भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का विशेष श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
5 सितंबर को विशेष पूजा और 56 भोग
जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को राधा गोविंद मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होगा। दोपहर 1 बजे भगवान राधा गोविंद को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद शाम के समय मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया जाएगा। समिति द्वारा आयोजन को व्यवस्थित एवं भक्तिमय बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
समिति की बैठक में तैयारियों पर हुआ मंथन
जन्माष्टमी आयोजन को लेकर हुई बैठक में मंदिर संचालन समिति के अध्यक्ष श्रीकांत मजूमदार, सचिव संजय पाठक और कोषाध्यक्ष प्रवीर बनर्जी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में शुभाशीष चटर्जी, अचिंत मंडल, रघु रवानी, अरुण साव, विष्णु, सौरभ, अनूप दास तथा मंदिर के पुजारी संजीव रथ समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। समिति ने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा की।




