पंचायत की कथित निष्क्रियता के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश, सरपंच-सचिव से जवाब मांग रहे युवा
धरमजयगढ़। जनपद पंचायत धरमजयगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनपुर में बदहाल सड़कों और पंचायत की कथित निष्क्रियता को लेकर ग्रामीणों और युवाओं का आक्रोश सामने आया है। गांव की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ के कारण आवागमन में हो रही परेशानी से परेशान युवाओं ने पंचायत का इंतजार करने के बजाय स्वयं सड़क सुधारने का निर्णय लिया।
चंदा जुटाकर खरीदा डीजल, ट्रैक्टर से मंगाया मुरूम
शनिवार को गांव के युवाओं ने आपसी सहयोग से चंदा एकत्रित किया और गांव के ही ट्रैक्टर में डीजल डलवाकर मुरूम मंगाया। इसके बाद सोनपुर से गीतखोंता-पंडोपारा जाने वाले कच्चे मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढों और दलदल वाले हिस्सों में मुरूम डालकर सड़क को आवागमन योग्य बनाने का काम शुरू किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत और गांव की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी पंचायत प्रशासन की है, लेकिन लंबे समय से समस्या बने रहने के कारण उन्हें स्वयं पहल करनी पड़ी।
सरपंच-सचिव से ग्रामीणों ने मांगा जवाब
ग्रामीणों के अनुसार गांव की बदहाल सड़कों और अन्य समस्याओं को लेकर सरपंच एवं सचिव को कई बार मौखिक रूप से जानकारी दी गई, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसके बाद युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी पंचायत की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
गांव के व्हाट्सएप समूह में पंचायत भवन की स्थिति, विकास कार्यों तथा पंचायत में आने वाली शासकीय राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए। कुछ युवाओं ने सरपंच से जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि यदि पंचायत स्तर पर काम नहीं हो पा रहा है तो जिम्मेदार लोगों को अपनी भूमिका पर विचार करना चाहिए।
रक्षाबंधन पर भी सोशल मीडिया में उठे सवाल
28 अगस्त को रक्षाबंधन के दौरान भी पंचायत की कथित निष्क्रियता को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा होती रही। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के लिए पंचायत को मिलने वाली राशि और उसके उपयोग को लेकर सवाल उठाए। हालांकि इन आरोपों पर सरपंच-सचिव की ओर से कोई स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वहीं क्षेत्रीय जनपद सदस्य (बीडीसी) विनय शर्मा ने ग्रामीणों और युवाओं को अपनी समस्याएं ग्राम सभा में रखने तथा उचित मंच पर मामला उठाने की सलाह दी।
‘पंचायत में राशि आती है तो सड़क के लिए चंदा क्यों?’
ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि पंचायत में विकास कार्यों के लिए शासकीय राशि उपलब्ध होती है, तो सड़क की मरम्मत के लिए ग्रामीणों को स्वयं चंदा क्यों जुटाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य आवाजाही वाली सड़क लंबे समय से गड्ढों और कीचड़ से जूझ रही है।
हालांकि पंचायत की शासकीय राशि के दुरुपयोग अथवा निजी हित में इस्तेमाल किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों की वास्तविकता संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
युवाओं की पहल ने खड़े किए पंचायत व्यवस्था पर सवाल
सोनपुर में युवाओं द्वारा अपने स्तर पर सड़क की मरम्मत शुरू करना ग्रामीणों की समस्या और नाराजगी दोनों को सामने लाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को गांव के विकास की जिम्मेदारी सौंपी है और इसलिए मूलभूत सुविधाओं के लिए उन्हें स्वयं संसाधन जुटाने की स्थिति नहीं आनी चाहिए।
अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि पंचायत प्रशासन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान कब करता है और सड़क सहित विकास कार्यों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब कब दिया जाता है।


