महंगाई के खिलाफ लुधियाना में मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन, केंद्र सरकार का पुतला फूंका

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CITU के आह्वान पर हीरो साइकिल समेत आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के मजदूरों ने जताया विरोध

लुधियाना। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण और कथित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ लुधियाना में मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) के आह्वान पर हीरो साइकिल तथा आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के मजदूरों ने प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार का पुतला फूंका।

14 आवश्यक वस्तुओं को GST से बाहर करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने रोजमर्रा के इस्तेमाल की 14 आवश्यक खाद्य एवं घरेलू वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से बाहर करने की मांग की। मजदूर नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण गरीब और मजदूर परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से आवश्यक वस्तुएं सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने और महंगाई पर तत्काल प्रभावी रोक लगाने की मांग की।

CITU की ओर से 27 अगस्त को महंगाई विरोधी दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया गया था।

महंगाई ने बिगाड़ा मजदूर परिवारों का बजट : मजदूर नेता

प्रदर्शन के दौरान रामवृक्ष यादव, समर बहादुर, सोनू गुप्ता और रमेश सहित मजदूर नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने मजदूर और आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ाया है। उनके मुताबिक मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा राशन और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में खर्च हो रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

निजीकरण को लेकर भी जताया विरोध

मजदूर नेताओं ने सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन और अन्य सार्वजनिक सेवाओं को मुनाफे के बजाय आम जनता की जरूरत और अधिकार के रूप में मजबूत किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के विकास में मजदूर, किसान, कर्मचारी और अन्य मेहनतकश वर्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वक्ताओं के अनुसार, मजदूरों को कम मजदूरी, अस्थायी रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मजदूरों ने रखीं कई मांगें

प्रदर्शन के दौरान मजदूर नेताओं ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • 14 आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी समाप्त कर उन्हें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाए।
  • महंगाई पर तत्काल प्रभावी रोक लगाई जाए।
  • सम्मानजनक न्यूनतम मजदूरी और समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया जाए।
  • ठेका प्रथा और रोजगार की असुरक्षा को कम कर स्थायी रोजगार को बढ़ावा दिया जाए।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
  • राशन व्यवस्था को मजबूत कर गरीब और मजदूर परिवारों को सस्ता राशन उपलब्ध कराया जाए।
  • बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा किए जाएं।
  • मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने वाले प्रावधानों को वापस लिया जाए।
  • मजदूरों के लिए पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

संघर्ष जारी रखने का ऐलान

वक्ताओं ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण और मजदूरों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने मजदूर एकता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि मेहनतकश जनता की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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