श्रावण के अंतिम सोमवार दिव्य जीवन संघ कार्यालय में गूंजा भक्ति का स्वर, भजन-कीर्तन और सत्संग में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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रायगढ़। पवित्र श्रावण मास के अंतिम सोमवार के अवसर पर स्थानीय निरंजन डाइंग हाउस स्थित दिव्य जीवन संघ शाखा कार्यालय में भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया गया। भगवान शिव की आराधना को समर्पित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत जगद्गुरु स्वामी शिवानंद महाराज के छायाचित्र की पूजा-अर्चना से हुई।

साप्ताहिक सत्संग बना आस्था का केंद्र

दिव्य जीवन संघ शाखा रायगढ़ धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। यहां प्रत्येक सोमवार की संध्या साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु इन आयोजनों में शामिल होकर आध्यात्मिक ज्ञान के साथ शांति और आत्मिक आनंद का अनुभव करते हैं।

गीता के श्लोकों पर हुआ सरस व्याख्यान

अंतिम श्रावण सोमवार को आयोजित सत्संग सभा में संस्था के आजीवन अध्यक्ष एवं विद्वान व्याख्याता प्रो. क्रांत‍िकुमार तिवारी ने श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 18 के श्लोक क्रमांक 74 से 78 पर सरस व्याख्यान दिया। उन्होंने गीता के संदेशों और जीवन में उनके महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चिंतन के लिए प्रेरित किया।

शिव विवाह प्रसंग ने बांधा समां

अंचल के ख्यातिलब्ध रामायणी भोजराम पटेल गुरुजी ने श्रीरामचरितमानस के बालकांड के दोहा 92-93 में वर्णित भगवान शिव विवाह प्रसंग की प्रस्तुति छत्तीसगढ़ी भाषा में मधुर स्वर के साथ की। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संगीत प्रस्तुतियों से भक्तिमय हुआ माहौल

भागवताचार्य एवं कथावाचक तथा प्रसिद्ध बांसुरी वादक पं. रघुनंदन तिवारी ने अपनी साज और आवाज में मौसमी गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं का मन मोह लिया। प्रतिष्ठित वायलिन वादक राजेंद्र विश्वकर्मा ने ‘पायो जी मैंने रामरतन धन पायो’ की मधुर धुन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

संस्था के संयोजक एवं संगीत विशारद जगदीश मेहर ने हारमोनियम की धुन पर सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। इसके बाद खुशीराम मेहर, सेवानिवृत्त शिक्षाविद भीमसेन मिरानिया, के.एल. मेहर, रमेश अग्रवाल, पार्वती नामदेव और श्रीमती लक्ष्मी मेहर सहित अन्य श्रद्धालुओं ने गीत-संगीत एवं विचारों की प्रस्तुति दी।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल

सत्संग सभा में तबला वादक रामायण सिंह, मधुसूदन सोनी, देवेंद्र मेहर, वरिष्ठ पत्रकार हरेराम तिवारी, श्रीमती धनमती पटेल, रश्मि मेहर, प्रभा देवांगन, छाया देवांगन और कांति देवांगन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

कार्यक्रम के अंत में ॐ जय जगदीश हरे की आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को मिष्ठान प्रसाद वितरित किया गया।

सत्संग से मजबूत होती है सामाजिक एकता

दिव्य जीवन संघ से जुड़े साधकों एवं श्रद्धालुओं ने कहा कि सत्संग और सामूहिक भजन मनुष्य को भीतर से जोड़ने का माध्यम हैं। ऐसे आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एवं आध्यात्मिक एकता को भी मजबूत करते हैं। श्रावण के अंतिम सोमवार पर आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक शांति का सुंदर संगम बन गया।

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