तखतपुर में अवैध शराब और जुए के आरोपों ने उठाए बड़े सवाल

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एसडीओपी की कार्रवाई के बाद थाना स्तर की निगरानी पर उठी उंगली

बिलासपुर। तखतपुर थाना क्षेत्र में अवैध शराब और जुए को लेकर सामने आ रही शिकायतों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाराही गांव में कथित तौर पर बड़े स्तर पर जुए की महफिल और लाखों रुपये के दांव लगाए जाने की चर्चा के साथ ही अवैध शराब के कारोबार को लेकर भी कई आरोप सामने आए हैं।

बाराही में लंबे समय से जुए का खेल चलने का दावा

स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों में दावा किया गया है कि बाराही गांव में जुए का खेल लंबे समय से चल रहा था। कुछ सूत्रों ने थाने में कथित रूप से हर महीने पैसे दिए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी सच्चाई निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जब एसडीओपी को खुद उतरना पड़ा मैदान में

मामला तब और गंभीर हो गया, जब 21 अगस्त को एसडीओपी नूपुर उपाध्याय की कार्रवाई में कच्ची शराब पकड़े जाने की जानकारी सामने आई। कार्रवाई के दौरान एक महिला को कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान महिला आरोपी ने पुलिसकर्मियों के सामने थाने में ही कच्ची शराब बेचने के एवज में पुलिसकर्मियों को हर महीने पैसे दिए जाने का आरोप लगाया। यह आरोप बेहद गंभीर है। आरोप सही हैं या निराधार, इसका फैसला निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगा।

कथित शराब नेटवर्क को लेकर पुलिस की निगरानी पर सवाल

शिकायतों में यह भी आरोप है कि मोबाइल के माध्यम से अंग्रेजी शराब महंगे दाम पर ग्राहकों तक पहुंचाने की व्यवस्था चल रही थी। क्षेत्र के कुछ ढाबों और होटलों में कथित रूप से अवैध तरीके से शराब परोसे जाने की बात भी सामने आई है।

यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि कथित गतिविधियां स्थानीय पुलिस की नजर से कैसे बचती रहीं और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।

जुए की महफिल और लाखों के दांव की चर्चा

बाराही गांव में कथित रूप से बड़े स्तर पर जुए की महफिल सजने और रोज लाखों रुपये के दांव लगाए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल है कि यदि क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर जुआ संचालित होने की जानकारी या शिकायत थी, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

त्योहारों और आयोजनों के दौरान कथित रूप से शराब परोसे जाने की शिकायतों को लेकर भी पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

एसएसपी की सख्ती के बावजूद उठे सवाल

जिले के एसएसपी रजनेश सिंह द्वारा अवैध शराब, जुआ और असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद तखतपुर क्षेत्र से इस तरह की शिकायतें सामने आना गंभीर विषय है।

मुद्दा किसी व्यक्ति को सीधे दोषी ठहराने का नहीं, बल्कि पूरे मामले की तह तक जाने का है। आखिर अवैध शराब कौन पहुंचा रहा था, जुए का संचालन कौन कर रहा था और इन गतिविधियों की जानकारी संबंधित स्तर तक थी या नहीं—इन सवालों का जवाब जांच से ही सामने आएगा।

निष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाई

तखतपुर में उठ रहे आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही, मिलीभगत या कथित संरक्षण सामने आता है, तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

तखतपुर में कानून का राज कायम रहना जरूरी है। अवैध शराब, जुआ और किसी भी तरह के कथित संरक्षण के आरोपों की निष्पक्ष जांच ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने ला सकती है।

अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

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