बिलासपुर। बिलासपुर के उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने 23 अगस्त 2026 को तखतपुर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, बीट प्रणाली और अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की। कार्यप्रणाली में लापरवाही और लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुछ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र (लाइन अटैच) करने के निर्देश दिए।
14 संवेदनशील गांवों पर विशेष निगरानी
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि तखतपुर थाना क्षेत्र के 79 गांवों में से 14 गांव संवेदनशील के रूप में चिन्हित हैं। इन क्षेत्रों में मारपीट, अवैध शराब और जमीन विवाद से संबंधित शिकायतें अधिक सामने आती हैं। एसएसपी ने इन गांवों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने और नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।
अवैध शराब पर सख्ती के निर्देश
एसएसपी ने अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई करने को कहा। आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और बाउंड ओवर की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए। बाउंड की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार राशि जब्ती की कार्रवाई करने को कहा गया।
महिलाओं को वैकल्पिक रोजगार से जोड़ने पर जोर
शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त महिलाओं को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकारी योजनाओं और महिला स्व-सहायता समूहों से जोड़ने की पहल करने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य अवैध गतिविधियों से बाहर निकालकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
संगठित अपराध पर धारा 112 बीएनएस के तहत कार्रवाई
एसएसपी ने संगठित अपराध में शामिल तत्वों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपराधियों पर निगरानी बढ़ाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ सख्ती बरतने को कहा।
19 लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीएम हेल्पलाइन की 19 लंबित शिकायतों और चरित्र सत्यापन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कोटा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) नूपुर उपाध्याय सहित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय
संवाददाता, बिलासपुर, छत्तीसगढ़




