बिलासपुर। न्यायधानी में अरपा नदी के उस पार बसे इलाके को ‘अलग नगर निगम’ का दर्जा देने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। नागरिक सुरक्षा मंच के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात कर दो टूक कहा कि अगर राजधानी रायपुर में दो निगम हो सकते हैं, तो बिलासपुर के अरपा पार क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?
विकास के लिए ‘दोहरी निगम’ व्यवस्था जरूरी: अमित तिवारी
मंच के संयोजक अमित तिवारी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में तर्क दिया गया कि बिलासपुर के तेजी से बढ़ते दायरे के बीच अरपा पार इलाका बुनियादी विकास से महरूम है।
- रायपुर मॉडल का हवाला: अमित तिवारी ने कहा कि जिस तरह रायपुर में दो निगम बनाकर प्रशासनिक कामकाज और विकास को गति दी गई, उसी तर्ज पर अरपा पार के आसपास के क्षेत्रों को जोड़कर पृथक नगर निगम का गठन बेहद जरूरी है।
- लंबे समय से उपेक्षा का आरोप: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मांग वर्षों पुरानी है। एक ही निगम होने से बजट और बुनियादी सुविधाओं के वितरण में अरपा पार का इलाका पिछड़ रहा है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने दिया भरोसा
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू ने इस प्रस्ताव को उच्च स्तर पर आगे बढ़ाने और ठोस चर्चा का सकारात्मक आश्वासन दिया।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से संयोजक अमित तिवारी के साथ गौरव तिवारी, देवेंद्र मिश्रा, मनोज शर्मा, रमेश सोनकर, अभिषेक साहू, ऋषि गौतम और श्याम मोहन दूबे ,अभिषेक कुमार पाण्डेय सहित मंच के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर
बिलासपुर छत्तीसगढ़




