31,157 कार्यों में से 1,210 कार्य अभी प्रगतिरत, जेएसजेबी 3.0 में जल स्रोतों के संरक्षण पर रहेगा जोर
रायगढ़, 22 अगस्त 2026। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल संवर्धन को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में रायगढ़ जिले ने जल संचय जन भागीदारी (JSJB) 2.0 के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 27 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार जिले में विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा कुल 31,157 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य दर्ज किए गए हैं। इनमें से 29,947 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 1,210 कार्य प्रगतिरत हैं।
जिला पंचायत ने किए सबसे अधिक कार्य
जेएसजेबी 2.0 के तहत जिला पंचायत, वन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, उद्योग विभाग, नगरीय निकाय और जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों ने जल संरक्षण कार्यों में भागीदारी निभाई। रिपोर्ट के अनुसार जिला पंचायत द्वारा 22,906 कार्य दर्ज किए गए, जिनमें से 21,929 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसके अलावा वन मंडल रायगढ़ ने 3,971, वन मंडल धरमजयगढ़ ने 2,342 और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 1,185 कार्य दर्ज किए हैं।
वीबी-जीराम जी और मनरेगा से 1,332 कार्य
ग्राम स्तर पर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वीबी-जीराम जी और मनरेगा के माध्यम से 1,332 कार्य लिए गए हैं। इनमें वीबी-जीराम जी के 757 और मनरेगा के 575 कार्य शामिल हैं। इन कार्यों में रिचार्ज पिट, सोक पिट, लूज बोल्डर चेक डैम, वर्षा जल संचयन संरचनाएं, तालाब गहरीकरण, ट्रेंच, गैबियन संरचना, अर्थन गली प्लग और बोरवेल के लिए सैंड फिल्टर सहित विभिन्न जल संरक्षण कार्य शामिल हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा पर जोर
इन कार्यों के जरिए वर्षा जल को गांवों में रोकने, भू-जल पुनर्भरण बढ़ाने और जल स्रोतों की क्षमता बनाए रखने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही अजीविका डबरी, नाला सफाई, नावा तरिया, परकोलेशन टैंक, खुले कुएं और अन्य जल संरचनाओं को भी अभियान से जोड़ा गया है।
अब जेएसजेबी 3.0 में नई दिशा
जेएसजेबी 2.0 की उपलब्धियों के बाद रायगढ़ जिला अब जेएसजेबी 3.0 ‘कैच द रेन’ अभियान में सक्रिय भागीदारी करेगा। इस चरण में नई जल संरचनाओं के निर्माण के साथ-साथ पहले से मौजूद तालाब, डबरी, नाला, कुआं और रिचार्ज संरचनाओं के संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
‘हर बूंद को सहेजना’ बनेगा अभियान का लक्ष्य
जेएसजेबी 3.0 के माध्यम से जल संरक्षण को केवल विभागीय गतिविधि तक सीमित न रखकर जनभागीदारी का स्थायी अभियान बनाने का प्रयास किया जाएगा। ग्राम पंचायतों, ग्रामीणों, महिला समूहों, युवाओं और किसानों की भागीदारी से हर बूंद को सहेजने, हर जल स्रोत को संवारने और हर गांव को जल सुरक्षा की ओर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।


