रिपोर्ट अभिषेक कुमार पाण्डेय
संवाददाता, बिलासपुर छत्तीसगढ़
20/08/26
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ की बिलासपुर जिला इकाई की कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया गया है। कलेक्ट्रेट स्थित मंथन सभागार में आयोजित बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी की अध्यक्षता में पदाधिकारियों के नामों पर सर्वसम्मति बनी।
कलेक्ट्रेट कार्यालय के प्रदीप तिवारी को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं शिक्षा विभाग के प्रशांत पाण्डेय को जिला सचिव बनाया गया है। कलेक्ट्रेट की जूही सोम को महिला प्रकोष्ठ की जिला सचिव और शिक्षा विभाग के सुमंत यादव को उप प्रांताध्यक्ष का दायित्व दिया गया है।
कर्मचारियों के मुद्दों को मजबूती से उठाने पर जोर
कार्यकारिणी के पुनर्गठन के साथ ही नई टीम के सामने लिपिक वर्गीय कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की जिम्मेदारी होगी। बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं, संगठन की आगामी गतिविधियों और विभिन्न लंबित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों के हित से जुड़े मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाने, उनके अधिकारों की पैरवी करने और संगठन की एकजुटता को मजबूत करने के लिए सक्रियता से कार्य किया जाएगा।
संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा
बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी कर्मचारी संगठन की ताकत उसकी एकजुटता और सक्रियता में होती है। नई कार्यकारिणी से उम्मीद जताई गई कि वह जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं को सामने लाने के साथ संगठन को और प्रभावी बनाएगी।
नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही।
बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी, प्रांतीय सचिव वर्षा रानी चरण, प्रदीप तिवारी, प्रशांत पाण्डेय, सुमंत यादव, अंकित तिवारी, देवेंद्र पटेल, गोपी चौहान, अनिल पुजारी, राकेश सूर्यवंशी, जूही सोम, रजनी मेहर, जमुना शंकर जायसवाल, रजनी तिवारी, शिमला टंडन, हरेन्द्र सूर्यवंशी और रूपेंद्र बंजारे सहित बड़ी संख्या में लिपिक कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यकारिणी के पुनर्गठन के बाद अब प्रदीप तिवारी के नेतृत्व में नई जिला इकाई के सामने संगठन को मजबूत करने और कर्मचारियों के मुद्दों को प्रभावी तरीके से शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है।




