पेयजल की गुणवत्ता पर रेलवे का बड़ा एक्शन, 20 हजार स्थानों पर लगेगा नया ‘टैंक टू टैप’ फिल्ट्रेशन सिस्टम

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CAG रिपोर्ट के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की समीक्षा, सुरक्षित पेयजल के लिए तत्काल सुधारात्मक कदमों के निर्देश

रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय
जिला संवाददाता, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
16 अगस्त 2026

पेयजल व्यवस्था को लेकर रेलवे ने शुरू किया व्यापक सुधार अभियान

नई दिल्ली। पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सामने आई CAG रिपोर्ट के बाद भारतीय रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए व्यापक सुधार अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे दिन इस मुद्दे की समीक्षा की। समीक्षा के बाद रेलवे नेटवर्क में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

20 हजार स्थानों पर लगेगा ‘टैंक टू टैप’ सिस्टम

रेलवे के अनुसार लगभग 20 हजार स्थानों पर नया ‘टैंक टू टैप’ जल फिल्ट्रेशन सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसमें वाटर कूलर सहित यात्रियों को पेयजल उपलब्ध कराने वाले प्रमुख स्थान शामिल होंगे। इसके साथ ही लगभग 20 हजार स्थानों पर व्यापक जल फिल्ट्रेशन और निगरानी व्यवस्था विकसित की जाएगी।

पुरानी पानी की टंकियां बदली जाएंगी

रेलवे ने पुरानी अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाने वाली पानी की टंकियों को बदलने का निर्णय लिया है। इसके अलावा पानी के भंडारण और वितरण की पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि यात्रियों तक पहुंचने वाले पेयजल की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।

स्रोत और आउटलेट दोनों जगह होगी पानी की जांच

नई व्यवस्था के तहत पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच स्रोत और आउटलेट दोनों स्थानों पर की जाएगी। रेलवे में जल गुणवत्ता की निगरानी के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था लागू की जाएगी और अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

स्टोरेज टंकियों की निर्धारित समय पर सफाई और रखरखाव को भी अनिवार्य किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों को इन व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रेलवे बोर्ड स्तर से होगी सीधी निगरानी

पेयजल की गुणवत्ता को रेलवे ने सर्वोच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया है। पूरी व्यवस्था की निगरानी रेलवे बोर्ड स्तर से सीधे की जाएगी। सुधार कार्यों की प्रगति और पेयजल गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट समय-समय पर सार्वजनिक की जाएगी, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

यात्रियों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने की पहल

रेलवे के मुताबिक यह कार्रवाई केवल पेयजल व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि CAG द्वारा सामने लाई गई अन्य कमियों को दूर करने और यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।

लगभग 20 हजार स्थानों पर फिल्ट्रेशन सिस्टम, पुरानी टंकियों का बदलाव, नियमित जल गुणवत्ता जांच और बोर्ड स्तर की निगरानी के जरिए रेलवे यात्रियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

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