रिपोर्ट : अभिषेक कुमार पाण्डेय
जिला संवाददाता, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
दिनांक : 12/08/2026
दूध विक्रेताओं के लिए पंजीयन जरूरी
बिलासपुर। शहर में घर-घर दूध की सप्लाई करने वाले हॉकरों और दूध विक्रेताओं के लिए अब पंजीयन कराना जरूरी होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दूध की गुणवत्ता और सप्लाई व्यवस्था की जांच के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाया है।
मंगलवार को विभाग की टीम ने गोलबाजार, सरकंडा, शनिचरी और मुंगेली नाका क्षेत्र में दूध की सप्लाई करने वाले विक्रेताओं की जांच की। इस दौरान दूध के 19 सैंपल लिए गए, जिन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
दूध की गुणवत्ता पर विभाग की नजर
जांच के दौरान अधिकारियों ने दूध विक्रेताओं से आवश्यक जानकारी और दस्तावेज लिए। दूध की गुणवत्ता के साथ उसकी स्वच्छता, रखरखाव और उपभोक्ताओं तक पहुंचने की प्रक्रिया की भी जांच की गई।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दूध भी खाद्य कारोबार की श्रेणी में आता है। इसलिए दूध का उत्पादन, संग्रहण, परिवहन या बिक्री करने वालों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना आवश्यक है।
बिना पंजीयन कारोबार पर होगी कार्रवाई
विभाग ने मौके पर मौजूद दूध विक्रेताओं को पंजीयन कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीयन खाद्य कारोबार करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
खुले दूध की सप्लाई भी जांच के दायरे में
शहर में खुले दूध की सप्लाई करने वाले हॉकरों की व्यवस्था पर भी विभाग नजर रखेगा। दूध कहां से लिया जा रहा है, किस तरह रखा जा रहा है और उपभोक्ताओं तक किस स्थिति में पहुंचाया जा रहा है, इसकी भी जांच की जाएगी।
छोटे-बड़े सभी हॉकरों का होगा पंजीयन
घरों और डेयरियों में दूध पहुंचाने वाले छोटे-बड़े सभी हॉकरों को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दूध पहुंचाना है।


