स्कूली बच्चे आए दिन हो रहे हादसों का शिकार, लिखित शिकायत के बाद भी निगम प्रशासन बेपरवाह
रायगढ़। शहर के बोइरदादर से विनोवानगर को जोड़ने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल है। बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ के कारण इस मार्ग से गुजरना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। वार्डवासियों के अनुसार, कई बार बच्चे कीचड़ और गड्ढों के कारण सड़क पर गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि सड़क की बदहाली को लेकर नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत अथवा आवागमन सुगम बनाने के लिए कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। बारिश के दौरान स्थिति यह है कि सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से गड्ढों का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
टैक्स वसूली के साथ सुविधाओं पर भी हो ध्यान
वार्डवासियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि नगर निगम बड़े-बड़े भवनों को निर्माण की अनुमति देने और संपत्ति कर सहित विभिन्न करों की वसूली में सक्रिय नजर आता है, लेकिन नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई देती। उनका कहना है कि विकास केवल बड़े प्रोजेक्ट और घोषणाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शहर की गलियों और वार्डों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना भी नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विकास की पहली जरूरत—सुलभ आवागमन
प्रदेश सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से शहर में विभिन्न विकास कार्यों की बात कही जा रही है, लेकिन विनोवानगर के रहवासियों का कहना है कि उनके लिए विकास का पहला मतलब ऐसी सड़क है, जिस पर बारिश के दिनों में भी बिना कीचड़ और गड्ढों के सुरक्षित आवागमन हो सके।
लंबे समय से पानी, कीचड़ और बदहाल सड़क की समस्या झेल रहे लोगों में अब आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए बोइरदादर-विनोवानगर सड़क का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और बरसात के दौरान अस्थायी राहत के साथ-साथ सड़क के स्थायी सुधार की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाए।




