रायपुर। भारतमाला परियोजना के भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने आरोपियों की 12.78 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इसमें करीब 4.69 करोड़ रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स भी शामिल हैं।
14 आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त अभियोजन शिकायत
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जय प्रकाश गांधी समेत 13 अन्य लोगों के खिलाफ विशेष न्यायालय (पीएमएलए कोर्ट), रायपुर में अतिरिक्त अभियोजन शिकायत दाखिल की है। जांच एजेंसी का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण मुआवजे में अनियमितता कर अवैध लाभ अर्जित किया गया।
ईओडब्ल्यू-एसीबी की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच
इस मामले की जांच ईडी ने आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज अपराध के आधार पर शुरू की थी। एफआईआर अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ निर्भय साहू और अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
ईडी ने 29 दिसंबर 2025 और 27 अप्रैल 2026 को छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 49 लाख रुपये नकद और लगभग 37 किलो 133 ग्राम चांदी, जिसकी कीमत करीब 89.80 लाख रुपये बताई गई थी, जब्त की गई थी।
अब तक 36 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क
जांच एजेंसी ने इससे पहले जमीन दलालों के कथित सिंडिकेट से जुड़ी करीब 23.35 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी अस्थायी रूप से अटैच की थीं। नई कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक कुल 36.14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। ईडी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है।




