सक्ती। ACB Trap Sakti के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल सक्ती के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल को ₹1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अपने अधीनस्थ कर्मचारी का पे-डाटा सीएमएचओ कार्यालय भेजने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
पे-डाटा ट्रांसफर के बदले मांगी थी ₹1 लाख की रिश्वत
फार्मासिस्ट ग्रेड-2 गंगा प्रसाद रत्नाकर ने एसीबी बिलासपुर से शिकायत की थी कि उनकी मूल पदस्थापना सीएमएचओ कार्यालय, सक्ती में है, जबकि वे फरवरी 2026 से जिला अस्पताल सक्ती में अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। शिकायत के अनुसार, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल ने फरवरी से जून 2026 तक का पे-डाटा सीएमएचओ कार्यालय भेजने के लिए प्रति माह ₹20 हजार के हिसाब से कुल ₹1 लाख रिश्वत की मांग की थी।
डभरा में रंगे हाथ दबोचा
शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद एसीबी बिलासपुर ने ट्रैप की योजना बनाई। आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर अपने अस्थायी निवास डभरा बुलाया। 23 जुलाई 2026 की रात करीब 9 बजे डभरा कॉलेज मोड़ के पास जैसे ही आरोपी ने स्कॉर्पियो वाहन में बैठकर ₹1 लाख की रिश्वत ली, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
पीसी एक्ट के तहत कार्रवाई
एसीबी ने आरोपी के कब्जे से ₹1 लाख की रिश्वत राशि बरामद कर ली है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (PC Act) की धारा 7 के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।




