रायगढ़, 6 जुलाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित “अभियान संवेदना” के तहत कोतरारोड़ पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 वर्षीय (gum balika) को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में शादी का झांसा देकर (nabalig) को अपने साथ ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
स्कूल जाने के दौरान लापता हुई थी नाबालिग, परिजनों ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
पुलिस के अनुसार, 11 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां ने थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 15 वर्ष 11 माह की पुत्री सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन विद्यालय नहीं पहुंची। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने रिश्तेदारों एवं आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 10/2026 दर्ज कर अपराध क्रमांक 44/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत विवेचना शुरू की।
मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग, बिलासपुर से सकुशल बरामद हुई बालिका
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया। संदेही सूरज कुमार साहू की लोकेशन बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र में मिलने पर थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह ने डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित कर तत्काल रवाना किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के समय बालिका के माता-पिता भी उपस्थित रहे।
पीड़िता के बयान के बाद POCSO और दुष्कर्म की धाराएं जोड़ी गईं
थाने लाकर महिला पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त ने पीड़िता का बयान दर्ज किया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया और उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। बयान के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 एवं 65(1) के साथ POCSO Act की धारा 4 और 6 भी जोड़ी गई।
आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी सूरज कुमार साहू (27 वर्ष), निवासी पकरिया भाठापारा (लटिया), थाना अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पीड़िता को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बालिका की पतासाजी एवं आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक चन्द्रेश पांडे तथा महिला आरक्षक दोरथिया किण्डो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रायगढ़ पुलिस ने बताया कि “अभियान संवेदना” के तहत गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी और उनके विरुद्ध अपराध करने वालों पर कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।




