सुरेंद्रनगर/उरमई। सुंदरगढ़ जिले के नुआगांव ब्लॉक अंतर्गत आने वाले उरमई ग्राम पंचायत में आज “ओडिशा सारा विकास की धारा” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह ग्राम पंचायत ओडिशा का अंतिम सीमावर्ती गांव माना जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच और विभागीय समन्वय को मजबूत करना था, लेकिन कई विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई।
विकास कार्यक्रम में केवल कुछ विभागों की मौजूदगी
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति अपेक्षित थी, लेकिन मौके पर केवल कृषि विभाग और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही मौजूद दिखाई दिए।
बाकी प्रमुख विभाग जैसे बीडीओ, सीडीपीओ, बीईओ, ग्रामीण आवास, शिक्षा विभाग, पेंशन, खाद्य आपूर्ति सहित अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य तभी सफल हो सकता है जब सभी विभाग एक साथ मौजूद रहकर लोगों की समस्याएं सुनें और मौके पर समाधान करें।
योजनाओं की जानकारी और समन्वय पर असर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समाधान करना था। लेकिन कई विभागों की अनुपस्थिति के कारण लोगों को अपेक्षित लाभ और जानकारी नहीं मिल सकी।
जवाबदेही और व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और विभागीय समन्वय पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे कार्यक्रमों में सभी संबंधित विभागों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।


