संजय बघेल की संदिग्ध मृत्यु पर कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल, निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग तेज

Advertisement
Advertisement

रायगढ़, 18 जून 2026। कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम नवापारा (नंदेली) निवासी संजय बघेल की जिला जेल में हुई संदिग्ध मृत्यु को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस घटना ने जिले में कानून व्यवस्था, जेल प्रशासन और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


जेल में मौत के बाद परिजनों के आरोपों से बढ़ा विवाद

जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ का कहना है कि एक व्यक्ति को पुलिस अभिरक्षा में लेकर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाता है और कुछ ही दिनों बाद उसकी मृत्यु हो जाती है, जो अत्यंत गंभीर मामला है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि संजय बघेल को जब घर से ले जाया गया था तब वह पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन बाद में उनकी मौत की सूचना दी गई।


कांग्रेस जांच दल का जेल निरीक्षण और परिजनों से मुलाकात

प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर गठित छह सदस्यीय जांच दल ने रायगढ़ पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान खरसिया विधायक उमेश पटेल, जिला कांग्रेस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


जेल प्रबंधन और व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल

जांच दल ने जेल की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां क्षमता से अधिक बंदियों को रखा जा रहा है। एक बैरक में जहां 30 से 35 बंदियों की क्षमता है, वहां 60 से 65 बंदी रखे जाने का आरोप लगाया गया है, जिससे मानवाधिकार और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।


परिजनों के आरोप: वसूली और चोट के निशान का दावा

परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान अवैध वसूली की मांग की गई थी और राशि देने के बावजूद संजय बघेल को नहीं छोड़ा गया। इसके अलावा शव पर चोट के निशान होने की भी बात कही गई है, हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


कांग्रेस की 7 सूत्रीय मांगें, उच्चस्तरीय जांच पर जोर

जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने सरकार से निम्न मांगें रखी हैं—

  • उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच
  • दोषियों पर सख्त कार्रवाई
  • ₹1 करोड़ मुआवजा
  • पत्नी को सरकारी नौकरी
  • बच्चों की शिक्षा व भरण-पोषण की जिम्मेदारी
  • बीमार बच्चे के इलाज का पूरा खर्च
  • प्रदेश की जेलों की व्यापक समीक्षा

कांग्रेस का चेतावनी भरा रुख

कांग्रेस ने कहा है कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं बल्कि लोकतंत्र और मानवाधिकारों का प्रश्न है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या लीपापोती हुई तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।


जांच दल का गठन

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जांच के लिए सरायपाली विधायक चातुरी नंद को संयोजक नियुक्त किया है। दल में पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष नागेंद्र नेगी और शहर अध्यक्ष शाखा यादव शामिल हैं।

जिला कांग्रेस कमेटी ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि न्याय मिलने तक वह उनके साथ खड़ी रहेगी। अब पूरे मामले पर प्रशासनिक जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।

Advertisement
Share This Article