प्रतीक मल्लिक ✍️
धर्मजयगढ़ । राम मंदिर के पीछे मांड नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान बड़ा मामला सामने आया है। कार्रवाई के बीच ही रेत लोड कर रहा ट्रैक्टर-लोडर मौके से फरार हो गया, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद आरोपी को रोका नहीं जा सका। घटना के बाद दो दिन बीत जाने पर भी ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
कार्रवाई के दौरान ही आरोपी लेकर भागा वाहन
जानकारी के अनुसार, राम मंदिर के पीछे मांड नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर ट्रैक्टर में लोड किया जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पटवारी को भेजा गया, जिन्होंने कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान लोडर मालिक अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचा और अचानक ट्रैक्टर-लोडर लेकर नदी के दूसरे किनारे से फरार हो गया।
प्रशासन के सामने से फरार हुआ आरोपी, कार्रवाई पर सवाल
सबसे हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक टीम की मौजूदगी के बावजूद आरोपी वाहन लेकर भागने में सफल रहा। घटना के बाद भी दो दिन तक किसी ठोस गिरफ्तारी या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन के सामने से ही आरोपी फरार हो सकता है, तो कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
लंबे समय से चल रहा था अवैध रेत कारोबार
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मांड नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का काम चल रहा है। आरोप है कि मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर यह पूरा खेल लगातार जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इससे दूर रहती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कई बार सूचना देने के बावजूद कार्रवाई में देरी होती है, जिससे माफिया के हौसले और बढ़ जाते हैं।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर कार्रवाई के बावजूद आरोपी का भाग जाना और उसके बाद भी कार्रवाई न होना व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या सख्त कदम उठाता है और अवैध रेत कारोबार पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।




