मरवाही अस्पताल में नर्सें 2 घंटे की ड्यूटी कर लौट रहीं घर

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इंजेक्शन कलेक्टर दर वाले लगाते, पदस्थ स्टाफ घर में आराम करता: आरोप

मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही में पदस्थ नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कई नर्सें अपनी पूरी शिफ्ट की ड्यूटी नहीं करतीं। दो घंटे रुकने के बाद घर चली जाती हैं, जिससे रात और आपात स्थिति में मरीजों को परेशानी होती है।

क्या है शिकायत
नाम न छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में शाम की पाली में एक सिस्टर 8 बजे ड्यूटी पर आती है तो दूसरी सिस्टर 9 बजे ही ड्यूटी छोड़कर चली जाती है। रजिस्टर में हाजिरी लगाकर थोड़ी देर बाद स्टाफ गायब हो जाता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी पदस्थ सिस्टर मरीजों को इंजेक्शन तक नहीं लगातीं। इंजेक्शन कलेक्टर दर पर रखे गए स्टाफ या अन्य कर्मचारी लगाते हैं, जबकि पदस्थ स्टाफ घर में आराम करता है। रात में डिलीवरी केस या इमरजेंसी आने पर मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार परिजनों को खुद निजी अस्पताल ले जाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में स्टाफ तो है पर एक-दो घंटा ही ड्यूटी करते हैं। इसके अलावा वॉर्डबॉय को बाबू बनाकर ऑफिस में बैठा दिया गया है, जबकि मरीजों की देखभाल के लिए स्टाफ नहीं है। उनका कहना है कि स्टाफ की कमी का हवाला दिया जाता है, लेकिन जो स्टाफ है वह भी पूरा समय नहीं देता और पद के विरुद्ध काम लिया जा रहा है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच, ड्यूटी के दौरान बायोमेट्रिक हाजिरी, सीसीटीवी से निगरानी और पदस्थ स्टाफ से ही काम लेने की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही और अव्यवस्था से किसी मरीज की जान को खतरा हो सकता है।

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