सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: पितृत्व का अधिकार निजता से बड़ा, डीएनए टेस्ट को माना जायज; जानें पूरा मामला

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नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने पितृत्व विवाद में डीएनए टेस्ट को बताया वैध अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि किसी व्यक्ति की निजता का अधिकार उसके बच्चे के पितृत्व जानने के अधिकार से बड़ा नहीं हो सकता। अदालत ने इस आधार पर डीएनए टेस्ट कराने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार
याचिकाकर्ता ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और निचली अदालत के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें डीएनए टेस्ट कराने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए डीएनए टेस्ट को आवश्यक और वाजिब कदम माना।

पितृत्व विवाद में बेटे ने किया संपत्ति अधिकार का दावा
मामला अमर प्रधान नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जिसने सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर कर खुद को चतुर्भुज प्रधान का पुत्र घोषित करने और संपत्ति में हिस्सा देने की मांग की थी। इसी दौरान अदालत ने सच सामने लाने के लिए डीएनए टेस्ट का आदेश दिया था।

मां ने संबंधों का किया दावा, बेटे ने किया इनकार
बेटे की मां का दावा है कि जनवरी 1999 में चतुर्भुज प्रधान के साथ उसके संबंध थे, जिससे अमर का जन्म हुआ। हालांकि बेटे ने हमेशा इस संबंध को नकारा और पहले दर्ज दुष्कर्म मामले में बरी होने का हवाला दिया।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: बच्चे के अधिकारों से नहीं किया जा सकता इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यदि पितृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं दी जाती, तो बच्चे को वे अधिकार नहीं मिल पाएंगे जो उसे कानूनी रूप से मिलने चाहिए। इसलिए डीएनए टेस्ट को न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया।

एन.डी. तिवारी केस का किया गया उल्लेख
इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले एन.डी. तिवारी केस का भी संदर्भ दिया गया, जिसमें पितृत्व विवाद में डीएनए टेस्ट को स्वीकार किया गया था और बाद में रोहित शेखर तिवारी को सार्वजनिक रूप से एन.डी. तिवारी ने अपना पुत्र स्वीकार किया था।

फैसले से पितृत्व विवादों में कानूनी स्थिति और स्पष्ट हुई
यह निर्णय भविष्य में पितृत्व और संपत्ति विवादों से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी आधार माना जा रहा है, जिसमें बच्चे के अधिकारों को प्राथमिकता दी गई है।

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