रायगढ़@दैनिक खार सार :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद गंभीर और विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जहां विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जिलाधिकारी को एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर वसीम मोहम्मद नामक व्यक्ति की पृष्ठभूमि और उसकी संदिग्ध गतिविधियों की गहन जांच की मांग की है। यह मामला न केवल लव जिहाद बल्कि राष्ट्रद्रोह और नशे के अवैध कारोबार से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ज्ञापन में विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष डॉक्टर प्रभात पटेल और जिला संयोजक अमितेश गर्ग ने आरोप लगाया है कि वसीम मोहम्मद ने एक हिंदू युवती को धोखे में रखकर उससे विवाह किया और अब वह उस महिला एवं उसके बच्चों को जबरन इस्लाम धर्म कबूलने के लिए प्रताड़ित कर रहा है। संगठन ने इस मामले को लव जिहाद का एक सुनियोजित हिस्सा बताया है, जो सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है।

मामले की गंभीरता तब और अधिक बढ़ गई जब यह खुलासा हुआ कि उक्त व्यक्ति अपने ही बच्चों को ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ और ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ जैसे राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के लिए मजबूर कर रहा था। आरोपी द्वारा भारतीय सेना और स्थानीय पुलिस बल के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को भी संगठन ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करार दिया है। बजरंग दल ने यह भी दावा किया है कि वसीम मोहम्मद खुलेआम गांजा, चरस और शराब जैसे नशीले पदार्थों के कारोबार में लिप्त है, जिसके माध्यम से वह रायगढ़ के युवा वर्ग को नशे की लत में धकेलकर उन्हें बर्बाद करने की साजिश रच रहा है।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वसीम मोहम्मद और उसके पूरे परिवार की पृष्ठभूमि की तत्काल प्रभाव से जांच की जाए। संगठन ने यह भी आशंका जताई है कि इन राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन हो सकते हैं, जिसकी खुफिया एजेंसियों से जांच करवानी आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, संगठन ने इंदिरा नगर और जोगीपाड़ा स्थित आरोपी के आवासों तथा संजय कॉम्प्लेक्स में स्थित उसकी दुकानों की गहन तलाशी लेने और उसकी समस्त संपत्ति एवं वित्तीय लेन-देन की जांच करने का आग्रह किया है ताकि उसके पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
अंत में, हिंदूवादी संगठनों ने प्रशासन से पीड़ित युवती और उसके परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है। वर्तमान में रायगढ़ प्रशासन पर इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करने का भारी दबाव है, क्योंकि समाज के विभिन्न वर्गों का मानना है कि ऐसी सोच रखने वाले व्यक्तियों का खुलेआम घूमना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है बल्कि राष्ट्रीय अखंडता के लिए भी बड़ा खतरा है।


