बलरामपुर: रामचंद्रपुर रामानुजगंज मुख्य मार्ग पर गरीबों को बांटने के लिए भेजा गया चना सड़क किनारे पड़ा हुआ मिला. नीलकंठपुर मोड़ से करीब 300 मीटर दूर सड़क किनारे बड़ी मात्रा में कई बोरियों में पैकेट में रखा चना फेंका गया था.
पैकेट में रखा चना पूरी तरह सड़ चुका था. जिन बोरियों में चने के पैकेट मिले है, उनमें छत्तीसगढ़ सरकार का प्रतीक लगा हुआ है जिससे आशंका जताई जा रही है कि पीडीएस का चना हितग्राहियों को बांटने के लिए लाया गया था लेकिन काफी समय तक रखे रखे चना पूरी तरह खराब हो चुका था, जिसके बाद उसे फेंक दिया गया.

रामचंद्रपुर रामानुजगंज मुख्य मार्ग पर फेंका गया चना
चना सड़क पर देखकर लोगों में नाराजगी
रास्ते से गुजरने वाले लोगों ने पहली बार चना फेंका हुआ देखा. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि गरीबों को चना ना देकर उसे रखे रखे सड़ा दिया गया जबकि कई गरीबों का इससे पेट भर सकता था. चने का इस तरह बर्बाद होना शर्मनाक है. ग्रामीणों का आरोप है कि लापरवाही छिपाने के लिए पीडीएस संचालकों ने चना फेंक दिया.

पूरी तरह सड़ कर काला हो चुका था चना
जांच की मांग कर रहे स्थानीय ग्रामीण
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच की जाए और पता लगाया जाए कि चना किस गोदाम या किस उचित मूल्य दुकान का था और किन हालात में इसे यहां फेंका गया. इसमें किसकी लापरवाही है उन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

कई हितग्राहियों को दिया जा सकता था चना
जांच के बाद जिम्मेदार पर की जाएगी सख्त कार्रवाई
सड़क पर चना फेंके जाने के संबंध में ईटीवी भारत ने रामानुजगंज खाद्य अधिकारी छबीला पैकरा से जानकारी ली. उन्होंने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि यह चना सार्वजनिक वितरण प्रणाली का पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.


