बीजापुर : ईटपाल स्थित गोदाम में दोपहर लगी आग ने लिया विकराल रूप, हजारों स्क्वेयर फीट क्षेत्र प्रभावित
बीजापुर जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूर ईटपाल में स्थित निजी तेंदूपत्ता गोदाम, जिसे वन विभाग द्वारा किराए पर लिया गया था, में सोमवार दोपहर आग लग गई। गोदाम में तेंदूपत्ता की बोरियां भंडारित की जा रही थीं। आग लगते ही यह कुछ ही समय में विकराल रूप में फैल गई।
करीब 27 हजार 400 स्क्वेयर फीट में फैले इस गोदाम में आग इतनी भीषण रही कि 24 घंटे बाद भी उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है।
फायर ब्रिगेड और जेसीबी की मदद से लगातार जारी है आग बुझाने का अभियान
आग पर काबू पाने के लिए बीजापुर के साथ बचेली से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची हुई हैं। लगातार पानी डालकर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
साथ ही जेसीबी मशीनों की मदद से गोदाम का मलबा हटाकर अंदर सुलग रही आग तक पहुंचने और उसे बुझाने का प्रयास भी लगातार जारी है।
करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान, तेंदूपत्ता और स्ट्रक्चर दोनों जलकर खाक
वन विभाग के सीसीएफ आलोक तिवारी (बस्तर वृत्त) और डीएफओ रमेश जांगड़े ने बताया कि गोदाम में 8 फाड़ों का तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा रहा था, जो आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गया।
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरा गोदाम का स्ट्रक्चर भी पूरी तरह नष्ट हो गया। प्राथमिक अनुमान के अनुसार इस घटना में गोदाम के स्ट्रक्चर को करीब 2 से 3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि 10 करोड़ रुपये से अधिक का तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया है।
आग लगने के कारण अज्ञात, प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
इस भीषण हादसे ने तेंदूपत्ता कारोबार से जुड़े लोगों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।


