कुरुद। धमतरी जिले में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए शातिर चोरों ने सीधे भगवान के घर को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पुलिस रात में गश्त के दावे करती रह गई और बेखौफ चोरों ने महज़ 24 घंटे के भीतर बैक-टू-बैक दो प्राचीन शीतला मंदिरों में कलाई काट देने वाली बड़ी वारदातों को अंजाम दे दिया। इस दुस्साहस से पूरे इलाके के श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में आक्रोश की आग भड़क उठी है। जिले की पुलिसिंग पर अब तीखे और गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

पहली वारदात- मरौद में आस्था पर प्रहार, मूर्ति खंडित कर फेंकी
वारदातों का यह खौफनाक सिलसिला 24 मई रविवार की रात कुरुद थाना क्षेत्र के ग्राम मरौद से शुरू हुआ। यहाँ के प्राचीन शीतला मंदिर में घुसकर अज्ञात चोरों और असामाजिक तत्वों ने न सिर्फ लाखों के सोने-चांदी के आभूषणों, श्रृंगार सामग्री, छत्र और दान पेटी के कैश पर हाथ साफ किया, बल्कि धार्मिक भावनाओं को तार-तार करते हुए माता की पवित्र मूर्ति को ही खंडित कर दिया। क्रूरता की हद तो तब हो गई जब चोरों ने खंडित मूर्ति को मंदिर से बाहर ले जाकर फेंक दिया। इस घटना से पूरे गांव में तनाव और गुस्से का माहौल है।
दूसरी वारदात- 24 घंटे के भीतर भखारा में सुपरफास्ट डाका
अभी मरौद की गुत्थी सुलझी भी नहीं थी, पुलिस अभी लकीर ही पीट रही थी कि ठीक 24 घंटे बाद, 25 मई सोमवार की रात करीब 1 बजे चोरों ने पुलिस को सीधे ठेंगा दिखा दिया। इस बार निशाना बना भखारा थाना अंतर्गत नगर का शीतला मंदिर। शातिर चोरों ने यहाँ भी धावा बोलकर माता के सोने-चांदी के गहनों और दान पेटी (डामन पेटी) में रखे सारे कैश को पार कर दिया।
“लगातार दूसरे दिन, वो भी शीतला माता के ही मंदिरों को निशाना बनाए जाने से साफ है कि यह किसी शातिर और सिरफिरे गैंग का काम है, जिसे खाकी का रत्ती भर भी खौफ नहीं है!

CCTV में कैद हुआ संदेही
भखारा के शीतला मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने पर एक संदिग्ध व्यक्ति फुटेज में नजर आया है। इस धुंधले सुराग के सहारे अब जिला पुलिस और साइबर सेल की टीमें रात-दिन एक करने का दावा कर रही हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।
सोती रही पुलिस, जागते रहे चोर?
सवाल नंबर 1: जब 24 घंटे पहले मरौद में इतनी बड़ी वारदात हुई, तो भखारा पुलिस अलर्ट मोड पर क्यों नहीं थी?
सवाल नंबर 2: क्या जिले में नाइट गश्त सिर्फ कागजों पर चल रही है?
सवाल नंबर 3:आस्था पर हुए इस सीधे हमले के बाद क्या पुलिस ग्रामीणों के गुस्से को शांत कर पाएगी?
ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर 24 घंटे के भीतर आरोपियों का जुलूस नहीं निकाला गया, तो पुलिस को जनाक्रोश का सामना करना पड़ेगा। अब देखना यह है कि हाईटेक होने का दावा करने वाली साइबर सेल और जिला पुलिस इन ‘आस्था के लुटेरों’ को कब तक दबोच पाती है।


