कुठौंद (जालौन) : विकास कार्यों की जमीनी स्थिति पर ग्रामीणों ने उठाए गंभीर प्रश्न
विकासखंड कुठौंद क्षेत्र की ग्राम पंचायत भदेख दिवारा में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में कई विकास कार्यों का उल्लेख अभिलेखों में किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति अलग दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में कराए गए कई निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
अमृत सरोवर, हैंडपंप और कुओं के कार्यों को लेकर उठे सवाल
ग्रामीणों के अनुसार अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कार्य अभी भी अधूरी स्थिति में दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने दावा किया कि संबंधित कार्यों का भुगतान किए जाने की जानकारी उन्हें मिली है, जबकि मौके पर कार्य पूरी तरह विकसित स्थिति में नहीं मिला।
इसके अलावा ग्रामीणों ने हैंडपंप रिबोर और कुओं के जीर्णोद्धार कार्यों को लेकर भी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई कार्यों का उल्लेख दस्तावेजों में है, लेकिन उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं दिख रही।
मनरेगा कार्यों और निर्माण गतिविधियों की पारदर्शिता पर उठी मांग
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत हुए कार्यों को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई कच्चे निर्माण कार्यों का वास्तविक स्वरूप मौके पर दिखाई नहीं देता।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि निर्माण कार्यों को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा मौके पर जांच नहीं की गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
नोट: समाचार में शामिल आरोप ग्रामीणों के दावों और शिकायतों पर आधारित हैं। संबंधित पंचायत, अधिकारियों अथवा अन्य पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होना शेष है।


