कुठौंद (जालौन)
फसल नुकसान के बाद मुआवजा प्रक्रिया को लेकर किसानों में बढ़ी नाराजगी
विकासखंड कुठौंद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत भदेख दिवारा में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद मुआवजा वितरण प्रक्रिया को लेकर किसानों में असंतोष देखने को मिल रहा है। किसानों ने लेखपाल नीतू यादव पर मुआवजा वितरण में अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं।
किसानों का कहना है कि जिनकी फसलें ओलावृष्टि से प्रभावित हुई थीं, उन्हें अब तक मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है, जबकि कुछ ऐसे लोगों के खातों में राशि पहुंचने का दावा किया जा रहा है जिनकी फसल पहले ही कट चुकी थी।
किसानों ने सर्वे और सूची प्रक्रिया पर उठाए सवाल
ग्रामीणों के अनुसार फसल नुकसान सर्वे के दौरान कई प्रभावित किसानों के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए। किसानों ने आरोप लगाया कि वास्तविक नुकसान उठाने वाले कई किसान अभी तक मुआवजा राशि से वंचित हैं।
किसानों का कहना है कि नुकसान के बावजूद उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
सुविधा शुल्क मांगने के आरोप, प्रशासनिक जांच की मांग तेज
कई किसानों ने लेखपाल नीतू यादव पर सुविधा शुल्क मांगने के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रभावित किसानों ने दोबारा सर्वे कर न्याय की मांग उठाई
उदय नारायण मिश्रा, मुंशी सिंह, रामबाबू सोनी, पतराखन लाल शुक्ला, अभिमन्यु सिंह, उमेश शुक्ला, राम जी शुक्ला, दिनेश शुक्ला, विद्यावती, अभिषेक कुमार बाजपेई, प्रेमा देवी सहित अन्य किसानों ने प्रशासन से दोबारा सर्वे कराने और पात्र किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि फसल नुकसान के कारण कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और उन्हें समय पर राहत मिलना आवश्यक है।
नोट: समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित किसानों के दावों पर आधारित हैं। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अथवा संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होना शेष है।


