न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये और 8 घंटे कार्यदिवस लागू करने की उठी मांग
गोंडा। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित अखिल भारतीय मांग दिवस के तहत केंद्रीय ट्रेड यूनियनों कर्मचारियों की आयोजन समिति, देवीपाटन मंडल गोंडा द्वारा उपश्रमायुक्त कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपश्रमायुक्त अनुभव वर्मा को सौंपा गया।

गौतमबुद्ध नगर में गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई कि गौतमबुद्ध नगर में मजदूर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी मजदूरों और कार्यकर्ताओं को बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। साथ ही मजदूरों के दमन और उत्पीड़न की कार्रवाई रोकने की मांग भी की गई।

नए लेबर कोड के खिलाफ जताया विरोध
धरना को संबोधित करते हुए सीटू के प्रदेश उपाध्यक्ष Kaushalendra Pandey ने कहा कि नए लेबर कोड मेहनतकश वर्ग के हित में नहीं हैं और इससे श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियनों के लंबे विरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने श्रम संहिताएं लागू कर दीं, जिससे मजदूरों में आक्रोश बढ़ रहा है।
एटक के वरिष्ठ नेता Satyanarayan Tripathi ने कहा कि नए श्रम कानूनों में ठेकेदारों और मालिकों को मजदूरों के शोषण की खुली छूट दी जा रही है, जिसे मजदूर संगठन स्वीकार नहीं करेंगे।
26 हजार न्यूनतम वेतन और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह तय किया जाए और 8 घंटे कार्यदिवस का सख्ती से पालन कराया जाए। अतिरिक्त काम के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, श्रमिक सुरक्षा, साप्ताहिक अवकाश, ईएसआई, पीएफ और बोनस जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
इसके अलावा ठेका प्रणाली समाप्त करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने और संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करने की मांग की गई। महंगाई नियंत्रण और सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में पूर्वांचल चीनी मिल मजदूर यूनियन के महामंत्री Ishwar Sharan Shukla, यूपीएमएसआरए सचिव Vineet Tiwari, सफाई कर्मचारी यूनियन के Pintu Balmiki, किसान सभा के Amit Shukla सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और यूनियन प्रतिनिधि शामिल हुए।


