मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम ने मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर तस्वीर सामने ला दी है. लगातार दूसरे वर्ष भी एमसीबी जिला प्रदेश में सबसे अंतिम यानी 33वें स्थान पर है. खराब परिणामों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निगरानी और सरकारी दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
बोर्ड परीक्षा में एमसीबी जिला का प्रदर्शन
इस वर्ष जारी परिणाम के अनुसार जिले की दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम मात्र 59.12 प्रतिशत रहा, जबकि बारहवीं का परिणाम 62.40 प्रतिशत दर्ज किया गया. चिंताजनक बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार स्थिति और खराब हो गई है. वर्ष 2025 में दसवीं का परिणाम करीब 62 प्रतिशत और बारहवीं का परिणाम 68 प्रतिशत था. यानी इस बार दसवीं में लगभग 3 प्रतिशत और बारहवीं में 6 प्रतिशत की सीधी गिरावट दर्ज हुई है.
जिले की शिक्षा व्यवस्था ठप
लगातार दो वर्षों तक प्रदेश में सबसे अंतिम स्थान पर बने रहना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि जिले की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है. सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की जवाबदेही और विभागीय निगरानी पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सरकार भले ही शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावे करे लेकिन जमीनी स्तर पर स्कूलों की हालत लगातार खराब होती जा रही है.
बोर्ड परीक्षा में जिले के खराब प्रदर्शन पर कांग्रेस का हमला
राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है. कांग्रेस ने जिले की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर तीखा हमला बोला है. मनेन्द्रगढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग का पूरा ध्यान पढ़ाई से ज्यादा खरीदी और कागजी प्रक्रियाओं पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल बैठकों और रिपोर्टों तक सीमित हैं.
सौरभ मिश्रा ने कहा कि जिले के हजारों बच्चों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है और इसके लिए पूरी तरह जिला प्रशासन जिम्मेदार है. उनका आरोप है कि न तो स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है और न ही कमजोर विद्यार्थियों के लिए कोई ठोस शैक्षणिक व्यवस्था बनाई जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाले वर्षों में परिणाम और भी खराब हो सकते हैं.
सूचना के अधिकार के तहत जिला शिक्षा कार्यालय से जानकारी लेंगे कि वर्ष भर में इन्हें कितना बजट मिला, बजट को कहां खर्च किया गया और शिक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किया गया – सौरभ मिश्रा, अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़
बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट पर जिला शिक्षा अधिकारी का जवाब
जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मिरे ने परिणाम को निराशाजनक मानते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार आगे कार्य किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कमजोर परिणाम वाले स्कूलों की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे. हालांकि जिले के लगातार खराब प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.
विषय का चयन, शिक्षकों की उपलब्धा, दूरस्थ क्षेत्र से आए बच्चों को होने वाली कठिनाइयां, उन्हें मिलने वाली कोचिंग, बच्चों को अभ्यास पुस्तिका देकर प्रैक्टिस कराने से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा- आरपी मिरे, जिला शिक्षा अधिकारी
फिलहाल बोर्ड परीक्षा के परिणाम ने यह साफ कर दिया है कि जिले में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में इसका सीधा असर हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा.
