राउरकेला। टेक्नो कल्चर बिल्डिंग सेंटर प्राइवेट लिमिटेड (TCBCPL) उर्फ “वास्तु विहार” (housing project) से जुड़े घर खरीदारों ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। वर्ष 2014 में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले करीब 80 परिवार आज भी न तो फ्लैट (flat possession) पा सके हैं और न ही उन्हें उनकी राशि वापस मिली है।

आकर्षक वादों के भरोसे किया निवेश
पीड़ितों के अनुसार, प्रोजेक्ट की शुरुआत किफायती आवास के वादों के साथ की गई थी। इन आश्वासनों पर भरोसा करते हुए मध्यम वर्गीय परिवारों ने अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी। लेकिन लगभग 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा है।
न कब्जा, न रिफंड—परिवारों की बढ़ी चिंता
घर खरीदारों का कहना है कि बार-बार संपर्क और अनुरोध के बावजूद बिल्डर की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। न तो फ्लैट सौंपे गए और न ही पैसे लौटाए गए, जिससे परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
पुलिस में शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं
पीड़ितों ने 16 मार्च 2026 को राउरकेला पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
जरूरी दस्तावेजों की कमी के आरोप
घर खरीदारों ने आरोप लगाया है कि प्रोजेक्ट के पास कई आवश्यक वैधानिक दस्तावेज नहीं हैं, जिनमें स्वीकृत बिल्डिंग प्लान, मूल्यांकन दस्तावेज और सक्षम प्राधिकरण (BDA/MDA/RERA) से अनुमति शामिल है। साथ ही फ्लैट सौंपने को लेकर भी स्पष्ट समयसीमा या प्रतिबद्धता नहीं दी गई।
उच्च स्तर पर उठाने की मांग
पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने आरटीआई कार्यालय और अन्य सरकारी संस्थाओं से भी संपर्क किया, लेकिन अब तक समाधान नहीं मिल सका है। अब वे इस मामले को उच्च स्तर पर उठाकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
न्याय और जवाबदेही की मांग
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से हस्तक्षेप कर उनकी राशि वापस दिलाने या जल्द से जल्द फ्लैट का कब्जा दिलाने की मांग की है। उन्होंने मीडिया से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।


