राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राउरकेला में विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण, ट्राइबल म्यूजियम और साइंस सेंटर से क्षेत्र को नई पहचान

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राउरकेला में राष्ट्रपति ने प्लेनेटेरियम, साइंस सेंटर और निर्मल मुंडा परिवेश पथ का किया उद्घाटन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज ओडिशा के राउरकेला में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्लेनेटेरियम और साइंस सेंटर तथा निर्मल मुंडा परिवेश पथ का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में शिक्षा, विज्ञान और पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


ट्राइबल म्यूजियम और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी हुआ लोकार्पण, आधुनिक विकास को मिली रफ्तार

कार्यक्रम के दूसरे चरण में राष्ट्रपति ने ट्राइबल म्यूजियम और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी उद्घाटन किया। इन सुविधाओं से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ शहरी प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


सुंदरगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रपति ने की सराहना

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि सुंदरगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और विरासत के लिए विशेष पहचान रखता है। घने जंगल, पहाड़, झरने और नदियाँ इस क्षेत्र को अनोखी पहचान देते हैं। उन्होंने कहा कि यहां की आदिवासी कला और संस्कृति ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर को और समृद्ध बनाती है।


राउरकेला को बताया बहुसांस्कृतिक शहर, आदिवासी परंपराओं और खेल संस्कृति का केंद्र

राष्ट्रपति ने कहा कि राउरकेला एक ऐसा कॉस्मोपॉलिटन शहर है जहां देश के विभिन्न हिस्सों के लोग निवास करते हैं। यह शहर ओडिशा की कला, साहित्य, संस्कृति और आदिवासी परंपराओं के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


समावेशी विकास पर जोर, आदिवासी कल्याण को बताया प्राथमिकता

राष्ट्रपति ने कहा कि समाज के हर वर्ग के विकास से ही देश का समग्र विकास संभव है। केंद्र और राज्य सरकारें आदिवासी कल्याण के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जिससे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा मिला है।


2047 विकसित भारत और 2036 विकसित ओडिशा का दिया विजन

राष्ट्रपति ने नागरिकों से देश के विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और 2036 में ओडिशा के 100 वर्ष पूरे होने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने किसानों, मजदूरों, युवाओं, आदिवासी समुदायों और सभी वर्गों की भागीदारी को विकास की आधारशिला बताया।

 

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