कंट्रोल रूम में हाई-लेवल बैठक, बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार
रायगढ़ में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। 17 अप्रैल को पुलिस कंट्रोल रूम में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा की अध्यक्षता में परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और छत्तीसगढ़-ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करना रहा।

ड्राइवरों के सत्यापन, लाइसेंस जांच और यूनिफॉर्म अनिवार्यता पर सख्त निर्देश
बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब ट्रांसपोर्ट संचालकों को अपने ड्राइवरों के ड्राइविंग लाइसेंस की पूरी जांच करनी होगी। जरूरत पड़ने पर ड्राइविंग टेस्ट भी लिया जाएगा। इसके साथ ही चालक का चरित्र सत्यापन अनिवार्य किया गया है और यूनिफॉर्म में ही वाहन संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई, ब्रीथ एनालाइजर जांच बढ़ाने का फैसला
पुलिस ने साफ कर दिया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब और सख्ती बरती जाएगी। ब्रीथ एनालाइजर जांच को और बढ़ाया जाएगा। ट्रांसपोर्टरों को निर्देश दिए गए कि वे अपने ड्राइवरों की नियमित जांच करें और उन्हें पहले से ही नियमों के प्रति जागरूक करें।
लंबी दूरी के चालकों के लिए रेस्ट एरिया और सुरक्षित पार्किंग पर जोर
बैठक में यह भी सामने आया कि लगातार ड्राइविंग से थकान के कारण भी दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसे में लंबी दूरी तय करने वाले चालकों के लिए मुख्य मार्गों पर रेस्ट एरिया और सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, ताकि वे आराम कर सुरक्षित ड्राइविंग कर सकें।
ओवरलोडिंग, फिटनेस और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिला परिवहन अधिकारी अमित कश्यप ने ट्रांसपोर्टरों को ओवरलोडिंग से बचने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सभी वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बिना फिटनेस वाले या तकनीकी रूप से असुरक्षित वाहनों के संचालन को दंडनीय बताया गया। साथ ही वाहनों में रिफ्लेक्टर और इंडिकेटर लाइट अनिवार्य करने पर भी जोर दिया गया।
चालकों का डाटाबेस तैयार करने और संयुक्त जांच अभियान तेज करने की योजना
ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह ने कहा कि सभी चालकों का सत्यापन और प्रशिक्षण जरूरी है। उनका अद्यतन डाटाबेस तैयार कर यातायात विभाग के साथ साझा किया जाए। इसके साथ ही पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त जांच अभियान को और तेज करने की बात कही गई।
ट्रांसपोर्टरों के सुझावों पर भी फोकस, नो-एंट्री समय और विजिबिलिटी मुद्दों पर होगी कार्रवाई
बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने भी कई अहम सुझाव दिए, जिनमें नो-एंट्री समय में बदलाव, अटल चौक के पास कबाड़ वाहनों को हटाना, कचरा जलने से धुएं की समस्या और सड़कों पर खड़े परित्यक्त वाहनों पर कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल रहे। अधिकारियों ने इन सभी बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश—नियमों से समझौता नहीं, सभी की जिम्मेदारी तय
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा जिले की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रांसपोर्टरों, वाहन मालिकों और चालकों की संयुक्त जिम्मेदारी से ही हादसों को रोका जा सकता है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर लगातार सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।


