रविंद्र दास महंत गिरफ्तार: रिश्तों की आड़ में दरिंदगी का खुलासा, अश्लील चैटिंग-वीडियो बने सबूत — पाली थाना प्रभारी एन.के. तिवारी मानवता की मिसाल

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कोरबा। पाली थाना क्षेत्र में सामने आए एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक मामले में पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आरोपी रविंद्र दास महंत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक रिश्तों की गरिमा पर भी गहरा सवाल खड़ा करता है।

09 अप्रैल 2026 को थाना पाली में अपराध क्रमांक 0113/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 64 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी रविंद्र दास महंत, जो पीड़िता का रिश्ते में मामा-फूफा पक्ष से जेठ (कुटुंब ससुर) लगता है, पर आरोप है कि उसने ब्लैकमेल कर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

पीड़िता के अनुसार आरोपी लंबे समय से उसे मानसिक दबाव में रखकर शोषण कर रहा था। जांच के दौरान अश्लील चैटिंग, आपत्तिजनक वीडियो और अभद्र बातचीत जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।

घटना के बाद आरोपी खुलेआम घूमता रहा और पीड़िता पर समझौते का दबाव बनाता रहा। भय और असुरक्षा के चलते पीड़िता अपनी 8 साल की मासूम बच्ची के साथ घर छोड़ने को मजबूर हो गई थी।

मामले की गंभीरता को समझते हुए 14 अप्रैल 2026 को पाली थाना प्रभारी एन.के. तिवारी ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में संपन्न हुई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल बने थाना प्रभारी एन.के. तिवारी

इस पूरे मामले में पाली थाना प्रभारी एन.के. तिवारी ने न केवल एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई, बल्कि अपने मानवीय गुणों, संवेदनशील सोच और पीड़िता के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार से एक अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने यह साबित किया कि पुलिस सिर्फ कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और पीड़ित वर्ग के लिए सहारा और न्याय की उम्मीद भी है।
उनकी कार्यशैली क्षेत्र में पहले से ही ईमानदार और सक्रिय मानी जाती रही है, और इस घटना में उन्होंने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है।

समाज के लिए सख्त संदेश

यह घटना समाज को एक स्पष्ट संदेश देती है कि
रिश्तों की आड़ में अपराध करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।

अश्लील चैटिंग, वीडियो और तकनीक का दुरुपयोग कर अपराध करने वाले यह समझ लें कि हर सबूत एक दिन सामने आता है।
कानून किसी का सगा नहीं होता — अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे सजा मिलकर रहेगी।

समाज को भी आगे आकर पीड़ितों का साथ देना होगा और ऐसे मामलों में समझौते के दबाव को पूरी तरह नकारना होगा।

रविंद्र दास महंत की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि जब पुलिस संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ काम करती है, तो अपराधी बच नहीं सकता। अब जरूरत है कि इस मामले में कड़ी सजा सुनिश्चित हो, ताकि यह समाज के लिए एक मजबूत उदाहरण बन सके।

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