कलेक्टर अजीत वसंत की सख्ती, शिक्षा गुणवत्ता सुधार और अतिथि व्याख्याताओं की समय पर नियुक्ति के निर्देश

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अम्बिकापुर। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, जिला शिक्षा अधिकारी सहित सभी विकासखंडों के शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।

शिक्षा गुणवत्ता सुधार और सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में अशासकीय विद्यालयों से मिली शिकायतों पर गंभीर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षकों के संलग्नीकरण को समाप्त कर मूल पदस्थापना सुनिश्चित करने और किसी भी विद्यालय में एकल शिक्षक या शिक्षक विहीन स्थिति न बनने देने पर जोर दिया गया।

अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति समय पर करने का निर्देश
हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए कलेक्टर ने एक सप्ताह में रिक्त पदों की सूची प्रस्तुत करने और सत्र शुरू होने से पहले अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।

NEET-JEE कोचिंग और मेरिट आधारित चयन पर फोकस
बैठक में NEET और JEE की तैयारी को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए। 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार कर मेरिट के आधार पर चयनित छात्रों को कोचिंग उपलब्ध कराने तथा हर विकासखंड में कोचिंग सेंटर स्थापित करने पर जोर दिया गया।

अनुपस्थित कर्मचारियों पर सख्ती, “न्यूज डेस्क” की पहल
लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए आवश्यकतानुसार बर्खास्तगी की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए। वहीं, स्कूलों में “न्यूज डेस्क” स्थापित कर छात्रों में सामान्य ज्ञान और विश्लेषण क्षमता बढ़ाने की पहल भी की जाएगी।

मूलभूत सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों पर भी जोर
बैठक में पेयजल व्यवस्था के तहत बोरवेल स्थापना, अपार आईडी, जाति प्रमाण पत्र निर्माण, बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन, पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति जैसे कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 16 जून तक शिक्षकों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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