नई दिल्ली। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करते हुए पाकिस्तानी सैन्य बलों की सऊदी अरब में तैनाती की गई है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के जवान, लड़ाकू और सहायक विमान शनिवार को किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पहुंचे। यह वही रणनीतिक एयर बेस है, जो हाल के क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान ड्रोन और मिसाइल हमलों की चपेट में रहा था।
रक्षा सहयोग के तहत बढ़ी सैन्य मौजूदगी
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस तैनाती का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य समन्वय को मजबूत करना और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता को बढ़ावा देना है। सितंबर में दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौते के तहत यह व्यवस्था की गई है, जिसमें यह प्रावधान शामिल है कि किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा।
ईरान के साथ तनाव और कूटनीतिक गतिविधियां
इस घटनाक्रम के बीच क्षेत्रीय स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता में मध्यस्थता के प्रयास भी जारी हैं, जिसमें कई देशों की भागीदारी सामने आ रही है। इसी दौरान पाकिस्तान में ईरानी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति और उच्च स्तरीय बैठकों ने कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
क्षेत्रीय समीकरणों पर असर की संभावना
विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब में पाकिस्तानी सेना की तैनाती और ईरान-अमेरिका वार्ता एक साथ होने से पश्चिम एशिया के सुरक्षा समीकरणों पर बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि, अब तक किसी भी पक्ष की ओर से इस पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
