नई दिल्ली । अलग अलग राज्यों से आए सैकड़ों पूर्व अर्धसैनिकों, वीरांगनाओं, जवानों, व अधिकारियों के परिजनों द्वारा बापू की समाधि राजघाट पर शांतिपूर्ण तरीके एवं मौन धारण कर संसद द्वारा पारित सीएपीएफ जनरल एडमिनिस्ट्रेशन बिल 2026 ( काला कानून)का विरोध व्यक्त किया।

एलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि जब माननीय गृह मंत्री जी, माननीय प्रधानमंत्री जी व महामहिम राष्ट्रपति जी पूर्व अर्धसैनिकों के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए नहीं बुला रहे तो शांति के पुजारी महात्मा गांधी की शरण में जाने के अलावा कोई चारा ही नहीं बचा। सिपाही से हवलदार बनने में 20 सालों का लंबा इंतजार फिर सब इंस्पेक्टर बनने में 15 साल तक इंतजार, अब तो इंस्पेक्टर बनने का सपना जैसा लगता है।

यही हाल सहायक कमांडेंट से डिप्टी कमांडेंट का है जोकि अगली पदोन्नति के लिए 16 साल लम्बी बांट जोह रहे हैं। जहां तक डिप्टी कमांडेंट व कमांडेंट से डीआईजी रैंक की पदोन्नति होने का सवाल इस काले बिल ने हर रैंक के अगले प्रमोशन पर हथौड़ा चला दिया। आजादी के बाद पहली ऐसा लगा जब सरकार निचले पदों पर कार्यरत सिपाही हवलदार, इंस्पेक्टर व कैडर अधिकारियों के बीच फूट डालो वाली राजनीति कर रही है।
एलायंस अध्यक्ष पूर्व एडीजी श्री एचआर सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए ऐतिहासिक फैसले के बावजूद ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ए सर्विस दर्जा के खिलाफ संसद में काला कानून बना दिया जिससे केंद्रीय सुरक्षा बलों के 10 लाख सिपाहियों हवलदारों, निरीक्षकों से लेकर 13 हजार कैडर अधिकारियों मे अपने सुनहरे भविष्य को लेकर चिंता व्याप्त है जिसका सीधा असर आने वाले 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।

श्री एचआर सिंह एलायंस अध्यक्ष द्वारा केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के प्रति सरकार द्वारा बेरुखी का उदाहरण दिया कि हाल ही पिछले सप्ताह काला बिल पास होने से पहले माननीय गृह मंत्री जी द्वारा डेलीगेशन को बातचीत के लिए बुलाने के आश्वासन के बाद आमंत्रित नहीं किया गया। महामहिम राष्ट्रपति जी को प्रतिनिधि मंडल मिलने हेतु ईमेल के जवाब में बताया कि महामहिम जी के पास मिलने के लिए समय नहीं है।
यही हाल माननीय प्रधान चौकीदार का है जिनको पिछले 11 सालों में सैकड़ों मेमोरेंडम दिए गए लेकिन इस के बावजूद आज तक बातचीत के लिए बुलावा नहीं आया। पूर्व एडीजी श्री एचआर सिंह द्वारा ऐलान किया गया कि जब सरकार 20 लाख पैरामिलिट्री फोर्सेस परिवारों की नहीं सुन रही तो आने वाली 15 जून 2026 को पूर्व अर्धसैनिक, वीरांगनाएं व उनके परिवार इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक कूच कर महामहिम राष्ट्रपति जी को ज्ञापन सौंपेंगे।
