चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन में सूचना पट्ट और बोर्ड कुड़माली भाषा में लिखा जाय- महतो,

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झारखंड कुड़माली भाषा विकास परिषद ने डीआर एम से की मांग,
कुड़माली भाषा अकादमी और पुस्तकालय स्थापित करने जहग मुहैया कराने को सौंपा ज्ञापन चक्रधरपुर संवाददाता। झारखंड कुड़माली भाषा विकास परिषद का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को चक्रधरपुर के डीआरएम तरुण हुरिया से मुलाकात कर मंडल के चक्रधरपुर समेत सभी स्टेशनों के सूचना पट कुड़माली भाषा में अंकित करने की मांग की है।

वहीं रेलवे क्षेत्र में कुड़माली भाषा अकादमी स्थापित करने की मांग की है और इस सबंध में परिषद की और से एक ज्ञापन सौंपा गया है। प्रतिनिधि मंडल के सचिव ओम प्रकाश महतो ने कहा कि चूंकि चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन डिविजन का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है एवं यह सांस्कृतिक और भाषाई विविधता का केंद्र भी है। जैसा कि वर्तमान सूचना पट और इतिहास खंडो में उल्लेख है यहां हिंदी ओड़िया, ऊर्दू, बंगला और संथाली जैसी भाषाओं का प्रयोग किया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की एक विशाल जनसंख्या कुड़माली भाषा बोलती है। कु़ड़माली यहां की मूल संस्कृति और जनमानस की गहराई से जुड़ी हुई है। स्थानीय यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रिय भाषा के सम्मान हेतु रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के प्रर्दशन पट्ट, सूचना पट्ट , उद्घोषणाओं और ऐतिहासिक विवरणों में कुड़माली भाषा को स्थान दिया जाए। ज्ञापन में उन्होंने उल्लेख किया है वर्तमान में क्षेत्रिय एवं जनजातिय भाषाओं के विकास हेतु झारखंड कुड़माली भाषा विकास परिषद क्रियाशील है।

झारखंड में कुड़माली द्वितीय राजभाषा में सम्मिलित है इसका पठन पाठन कक्षा आठ से स्नातकोत्तर तक हो रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि मौजूदा समय में रेलवे क्षेत्र में कुड़माली भाषा एकादमी और पुस्तकालय संचालन के लिए जगह मुहैया कराया जाय।

डीआरएम हुरिया ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि आप इसकी मांग जिला कलेक्टर के पास करें। उनके आदेश मिलने पर बोर्ड और सूचना पट्ट कुड़माली भाषा में लिखने पर विचार किया जाएगा। इस अवसर पर झारखंड कुड़माली भाषा विकास परिषद के सचिव ओम प्रकाश महतो, संरक्षक नरेंद्र महतो, सदस्य बकलेस महतो, शंकर व्यास महतो, दिनेश महतो समेत अन्य लोग शामिल थे।

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