रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वक्फ बोर्ड ने शहर काजी आरिफ अली फारूकी को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। उन पर लगे गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार शिकायतों की जांच के बाद तत्काल निर्णय लिया गया।
महिलाओं से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, आरिफ अली फारूकी पर महिलाओं को देर रात फोन कर अश्लील बातें करने और दोस्ती के लिए दबाव बनाने जैसे आरोप सामने आए थे।
इसके अलावा एक मामले में यह भी आरोप लगा कि उन्होंने एक महिला को तलाक में मदद करने का आश्वासन देकर कथित रूप से हलाला प्रक्रिया में शामिल होने के लिए दबाव डाला।
शिकायत के बाद समुदाय में बढ़ा आक्रोश
पीड़ित महिला द्वारा अपने परिवार को जानकारी देने के बाद यह मामला सामने आया, जिसके बाद वक्फ बोर्ड में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
घटना को लेकर उलेमा और समुदाय के नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे पद की गरिमा के खिलाफ बताया।
आपात बैठक में लिया गया फैसला
31 मार्च 2026 को रायपुर में प्रमुख उलेमा और इमामों की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में मामले से जुड़े तथ्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए आरिफ अली फारूकी को शहर काजी के पद से तत्काल हटा दिया गया।
पहले के विवाद भी आए सामने
जानकारी के अनुसार, यह पहला मामला नहीं है जब वे विवादों में आए हों। अक्टूबर 2023 में उन पर एक नाबालिग से मारपीट का आरोप भी सामने आया था, जो उस समय चर्चा में रहा था लेकिन उस पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
समुदाय ने जताई सख्त नाराजगी
समुदाय के नेताओं का कहना है कि ऐसे मामलों से धार्मिक पदों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है और समाज का विश्वास कमजोर होता है। अब इस मामले के बाद संगठन स्तर पर और सख्ती की बात कही जा रही है।
