जिले में जो चार एंबुलेंस आई है उसमें से एक सकोला कोटमी को दिया जाए
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के सकोल कोटमी क्षेत्र में संजीवनी 108 की सुविधा तहसील मुख्यालय से संचालित किए जाने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मातिन क्षेत्र से लगे इस विशाल आदिवासी अंचल में आकस्मिक रूप से आए दिन संजीवनी 108 की सुविधा की आवश्यकता होती है परंतु जरूरत पड़ने पर इसे गौरेला या पेंड्रा से मांगना पड़ता है जिससे कई बार संजीवनी 108 आने में देर हो जाती है और अस्पताल पहुंचने से पहले ही दुर्घटना से पीड़ित की मौत हो जाती है।
वर्तमान में गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले को अतिरिक्त रूप से चार संजीवनी एंबुलेंस वाहन मिले हैं इनमें से एक संजीवनी 108 का मुख्यालय तहसील मुख्यालय सकोला- कोटमी में भी होना चाहिए ताकि इस तहसील क्षेत्र के गांव को आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल संजीवनी 108 की सुविधा मिल सके।जीपीएम ज आई है सकोला कोटमी जिले के मध्य में स्थित है तथा यहां अस्पताल पुलिस चौकी होने के अलावा यह कोरबा जिले के बॉर्डर में स्थित है जहां आए दिन आकस्मिक स्थिति निर्मित होती रहती है।अगर एक्सीडेंट होता है तो संजीवनी 108 की सुविधा सही समय मे नहीं मिल पाती।
गांव वाले आटो पिक अप या ट्रैक्टर जैसे अन्य साधन में जिला अस्पताल भेजते है और कभी-कभी इस चक्कर में स्वास्थ्य सुविधा मिलने के पहले ही पीड़ित की मौत हो जाती है ऐसे में ग्रामीणों ने
तहसील मुख्यालय सकोला- कोटमी में भी हो संजीवनी 108 की सुविधा का मुख्यालय रखने की मांग की है।
