रायपुर, 1 अप्रैल 2026। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ देशभर में कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब, यात्रा और वित्तीय लेन-देन पर पड़ेगा। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए इन नए नियमों में टैक्स सिस्टम, टोल भुगतान, रेलवे टिकट और केवाईसी प्रक्रिया से जुड़े बड़े परिवर्तन शामिल हैं।
🔹 टैक्स सिस्टम हुआ सरल, नया कानून लागू
1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू कर दिया गया है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ले ली है। अब ‘वित्तीय वर्ष’ और ‘आकलन वर्ष’ की जगह सिर्फ ‘टैक्स वर्ष’ की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे टैक्स प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और स्पष्ट हो जाएगी।
साथ ही ITR-3 और ITR-4 भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है।
🔹 टोल प्लाजा पर कैश बंद, सफर हुआ महंगा
देशभर के टोल प्लाजा अब पूरी तरह कैशलेस हो गए हैं। अब टोल भुगतान केवल FASTag या UPI से ही किया जा सकेगा। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में टोल दरों में 5 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी भी की गई है, जिससे हाईवे पर यात्रा महंगी हो गई है।
🔹 रेलवे टिकट नियम सख्त
रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के नियमों में बदलाव करते हुए रिफंड की समय सीमा बढ़ा दी है। अब ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा।
हालांकि यात्रियों को राहत देते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक उपलब्ध कराई गई है।
🔹 PAN और KYC नियम हुए सख्त
अब PAN कार्ड बनवाने के लिए केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या अन्य वैध दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।
साथ ही बैंकिंग और निवेश से जुड़े सभी लेन-देन में KYC सत्यापन जरूरी कर दिया गया है, जिससे फर्जी खातों और टैक्स चोरी पर रोक लगेगी।
🔹 छत्तीसगढ़ में राहत और महंगाई दोनों
राज्य में संपत्ति रजिस्ट्री सस्ती हुई है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। वहीं राशन दुकानों में अब तीन महीने का चावल एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा।
हालांकि पेट्रोल की कीमत में 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है और विदेशी शराब व बीयर भी महंगी हो गई है।
🔹 आबकारी नीति में बदलाव
नई आबकारी नीति के तहत अब शराब प्लास्टिक की बोतलों में भी उपलब्ध होगी। सरकार ने टैक्स संरचना में बदलाव कर राजस्व बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है।
🔹 आम लोगों पर क्या होगा असर?
इन सभी बदलावों का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। जहां टैक्स प्रक्रिया सरल होगी, वहीं यात्रा और ईंधन महंगा होने से खर्च बढ़ेगा।
डिजिटल भुगतान और सख्त KYC नियमों से सुरक्षा बढ़ेगी, लेकिन लोगों को नए नियमों के अनुसार खुद को ढालना होगा।


