‘काला बिल’ के खिलाफ बड़ा आंदोलन: पूर्व अर्धसैनिक बल 9 अप्रैल को राजघाट पहुंचेंगे, सरकार पर तीखा हमला

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शौर्य दिवस पर जवानों को नमन और विरोध का ऐलान, अलायंस कोर कमेटी का बड़ा निर्णय

नई दिल्ली। पूर्व अर्धसैनिक बलों और उनके परिवारों ने ‘काला बिल’ के विरोध में बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। अलायंस कोर कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 9 अप्रैल को शौर्य दिवस के अवसर पर सभी पूर्व अर्धसैनिक कर्मी, उनके परिवार और वीरांगनाएं बापू की समाधि राजघाट पहुंचकर जवानों के शौर्य को नमन करेंगे और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

“जब सरकार नहीं सुन रही, तो बापू की शरण”—महासचिव रणबीर सिंह का बयान

महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि जब “बहरी सरकार” उनकी मांगों को नहीं सुन रही है, तो अब बापू की समाधि पर जाकर आवाज उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को राष्ट्रभक्त कहने वाली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को पलटते हुए ‘काला बिल’ लाकर लगभग 13 हजार कैडर अधिकारियों के समयबद्ध पदोन्नति के भविष्य पर चोट पहुंचाई है।

पैरामिलिट्री परिवारों में आक्रोश, प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया नोटिस

रणबीर सिंह ने बताया कि इस बिल के खिलाफ पैरामिलिट्री परिवारों और अधिकारियों में भारी आक्रोश है। इसी को देखते हुए 9 अप्रैल को राजघाट पर आयोजित कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को भी नोटिस भेजा गया है। इस कार्यक्रम में पूर्व अधिकारी, जवानों के परिवार और वीरांगनाएं बड़ी संख्या में शामिल होंगी।

राजधानी एनसीआर के लोगों से भावुक अपील, ज्यादा से ज्यादा भागीदारी का आग्रह

अलायंस के कोषाध्यक्ष वी.एस. कदम ने दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों, परिवारों और वीरांगनाओं से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जवानों के शौर्य को सम्मान देने और सरकार को सही दिशा दिखाने का प्रयास है।

पेंशन, पुनर्वास और पदोन्नति जैसे मुद्दों पर सरकार पर उदासीनता का आरोप

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि देशभर के करीब 20 लाख पैरामिलिट्री जवानों और अधिकारियों के लिए पेंशन, पुनर्वास, पदोन्नति और अन्य सुविधाएं बेहद जरूरी हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में उदासीन बनी हुई है। ऐसे में यह आंदोलन उनके अधिकारों की लड़ाई का अहम हिस्सा है।

9 अप्रैल को राजघाट बनेगा विरोध का केंद्र, सरकार पर बढ़ेगा दबाव

अलायंस कोर कमेटी ने स्पष्ट किया है कि 9 अप्रैल का यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा, लेकिन इसका संदेश बेहद मजबूत होगा। राजघाट पर जुटने वाला यह जनसमूह सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है।

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