वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियान तेज, युवा माओवादी मोंगडी होनहागा ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
राउरकेला। वामपंथी उग्रवाद (LWE) के खिलाफ लगातार सफलता हासिल करते हुए राउरकेला पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले की रहने वाली 19 वर्षीय माओवादी कैडर मोंगडी होनहागा ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। वह CPI (माओवादी) के दक्षिण छोटानागरा डिवीजन के तहत लोकल गुरिल्ला स्क्वाड (LGSM) की सक्रिय सदस्य थी।
खतरनाक गतिविधियों में रही शामिल, कई बड़े हमलों से जुड़ा नाम
जानकारी के अनुसार, मोंगडी होनहागा को माओवादी नेता अनमोल उर्फ सुशांत ने संगठन में शामिल किया था। इसके बाद वह कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल रही, जिनमें बांको स्टोन खदान से विस्फोटकों की लूट, रंजेदा रेलवे ट्रैक पर IED विस्फोट और CRPF जवानों पर हमले जैसी घटनाएं शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह एक अहम टारगेट मानी जा रही थी।
मुठभेड़ के बाद बदला मन, जंगल की जिंदगी और उत्पीड़न से टूटी विचारधारा
21 जनवरी 2026 को कुमडीही के जंगल में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद वह भाग निकलने में सफल रही थी। हालांकि, इसके बाद जंगल की कठिन परिस्थितियों और संगठन के भीतर उत्पीड़न के चलते उसका माओवादी विचारधारा से मोहभंग हो गया। अंततः उसने हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला लिया।
सरकार की नीति से प्रभावित होकर लिया आत्मसमर्पण का फैसला
ओडिशा सरकार की ‘आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति’ से प्रभावित होकर मोंगडी ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। ‘श्रेणी B’ के तहत आत्मसमर्पण करने पर उसे 2,65,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उसे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा, जिससे वह नया जीवन शुरू कर सकेगी।
पुलिस का संदेश—हिंसा छोड़ें, शांति का रास्ता अपनाएं
राउरकेला पुलिस ने इस सफलता को नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। पुलिस ने अन्य माओवादी कैडरों से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
