रायगढ़ में गैस सिलेंडर किल्लत के बीच बड़ी गड़बड़ी उजागर, खाद्य विभाग की छापेमारी में स्टॉक में भारी अंतर

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Raigarh में घरेलू गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत के बीच एक बड़ी अनियमितता सामने आई है। उपभोक्ता जहां सिलेंडर के लिए हफ्तों इंतजार कर रहे हैं, वहीं कुछ गैस एजेंसियों पर नियमों की अनदेखी और स्टॉक में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं।

इसी क्रम में जिंदल स्टील प्लांट परिसर स्थित ‘जिंदल कर्मचारी प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार’ (इंडेन गैस एजेंसी) पर खाद्य विभाग ने छापेमारी कर जांच की।

स्टॉक और रिकॉर्ड में बड़ा अंतर

सहायक खाद्य अधिकारी एवं खाद्य निरीक्षक पुसौर चूड़ामणि सिदार के नेतृत्व में की गई जांच में एजेंसी के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया।

जांच के दौरान पाया गया कि रिकॉर्ड की तुलना में 633 घरेलू गैस सिलेंडर और 56 व्यावसायिक गैस सिलेंडर कम पाए गए, जिससे अनियमितता की आशंका गहराई।

1800 से अधिक बुकिंग, लेकिन डिलीवरी नहीं

जानकारी के अनुसार, शनिवार तक करीब 1878 उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर की बुकिंग कर रखी थी, लेकिन उन्हें समय पर डिलीवरी नहीं दी गई। रिकॉर्ड में डीएसी (DAC) प्रक्रिया पूरी दिखाए जाने के बावजूद उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पाए।

सप्लाई और लॉजिस्टिक में भी गड़बड़ी

जांच में यह भी सामने आया कि गुरुवार और शुक्रवार को दो गाड़ियों का इंडेंट लगाया गया था, लेकिन रिकॉर्ड में केवल 39 खाली सिलेंडर दर्ज मिले, जबकि सप्लाई के लिए कम से कम 342 खाली सिलेंडरों की आवश्यकता बताई गई है।

इस असंतुलन के चलते नई गैस सप्लाई की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।

अवैध बिक्री की आशंका

प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि घरेलू गैस सिलेंडरों को बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया गया हो सकता है। हालांकि, एजेंसी संचालक इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए हैं कि सिलेंडरों का स्टॉक कहां गया।

कार्रवाई जारी

खाद्य विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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