चक्रधरपुर में छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़, विधि-विधान से हुआ अर्घ्य अर्पण
चक्रधरपुर में चैती छठ के दूसरे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पण के साथ महापर्व का समापन हो गया। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में छठव्रती एवं श्रद्धालु शहर के विभिन्न घाटों, विशेषकर पुराना बस्ती सीढ़ी छठ घाट और थाना रोड घाट पहुंचे, जहां पूरे विधि-विधान के साथ भगवान सूर्य की आराधना की गई।
- चक्रधरपुर में छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़, विधि-विधान से हुआ अर्घ्य अर्पण
- 36 घंटे का निर्जला व्रत पूर्ण, प्रसाद ग्रहण कर व्रतियों ने किया पारण
- सूप अर्घ्य के लिए भी उमड़ी भीड़, पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन
- जनप्रतिनिधियों ने भी लिया भाग, नगर अध्यक्ष सन्नी उरांव ने किया अर्घ्य अर्पण
- आस्था और परंपरा का संगम, शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ महापर्व
36 घंटे का निर्जला व्रत पूर्ण, प्रसाद ग्रहण कर व्रतियों ने किया पारण
चैती छठ व्रत करने वाली महिलाओं ने 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास पूर्ण कर छठी मैया के समक्ष पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया। इस दौरान घाटों पर भक्ति और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला।

सूप अर्घ्य के लिए भी उमड़ी भीड़, पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन
घाटों पर सूप अर्घ्य देने के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। व्रतियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर भगवान सूर्य से परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की।
जनप्रतिनिधियों ने भी लिया भाग, नगर अध्यक्ष सन्नी उरांव ने किया अर्घ्य अर्पण
इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव, उपाध्यक्ष विजय कुमार साव एवं पार्षद संजय पासवान सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी छठ घाट पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और श्रद्धालुओं के साथ पर्व की आस्था में सहभागी बने।
आस्था और परंपरा का संगम, शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ महापर्व
पूरे आयोजन के दौरान घाटों पर व्यवस्था सुचारू रही और श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण ढंग से पूजा-अर्चना की। चैती छठ के इस पावन अवसर पर आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला।
