ग्रीष्म ऋतु के स्वागत का प्रतीक ‘पोखाल दिवस’ ओडिशा की सांस्कृतिक परंपरा के रूप में मनाया गया
राउरकेला, 21 मार्च 2026: ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक विश्व ‘पोखाल दिवस’ इस वर्ष भी पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। वर्ष 2011 से प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला यह दिवस मुख्य रूप से ग्रीष्म ऋतु के स्वागत और पारंपरिक खान-पान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। ओडिया समाज इस अवसर पर विविध पारंपरिक व्यंजनों और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से गर्मियों का स्वागत करता है।

राउरकेला के पंथ निवास में पर्यटन विभाग द्वारा भव्य आयोजन, कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
राउरकेला स्थित पंथ निवास में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य और जिले के कई प्रमुख प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में केंद्रीय आदिवासी कल्याण मंत्री जुएल ओराम, रघुनाथपल्ली विधायक दुर्गा चरण तांती, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एन.बी.एस. राजपूत, जिला कलेक्टर डॉ. शुभंकर महापात्र, पुलिस उप महानिरीक्षक बृजेश कुमार रॉय, डीआईएसी राउरकेला स्टील प्लांट आलोक बर्मा, पुलिस अधीक्षक नितेश वाधवानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मेहमानों ने पारंपरिक व्यंजनों का लिया आनंद, ओडिशा की स्वादिष्ट विरासत का प्रदर्शन
इस अवसर पर अतिथियों को पारंपरिक ओडिया व्यंजनों का स्वाद परोसा गया, जिसमें आलू, बैंगन, भर्ता, शाग भाजा, खोख, फूल पीठा और फिश फ्राई सहित लगभग 25 प्रकार के तले हुए एवं पारंपरिक पकवान शामिल थे। इन व्यंजनों ने ओडिशा की खाद्य संस्कृति और स्थानीय स्वाद की विविधता को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित मेहमानों ने पारंपरिक भोजन का भरपूर आनंद लिया।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का भुवनेश्वर से वर्चुअल लाइव प्रसारण, राज्यव्यापी जुड़ाव
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विश्व पोखाल दिवस कार्यक्रम का वर्चुअल माध्यम से भुवनेश्वर से सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे राज्यभर के लोग इस आयोजन से जुड़ सके। इस पहल ने आयोजन को एक व्यापक और समन्वित स्वरूप प्रदान किया।

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने दी शुभकामनाएं, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर दिया जोर
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने इस अवसर पर सभी को विश्व पोखाल दिवस की शुभकामनाएं दीं और ओडिशा की पारंपरिक संस्कृति एवं खान-पान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पर्यटन विभाग ने आयोजन को सफल बताया, सांस्कृतिक पहचान को मिला प्रोत्साहन
पर्यटन विभाग के उप निदेशक निरंजन महापात्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा मिला, बल्कि ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिली है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने इसे सफल और सार्थक बनाया।

