रायगढ़ में गैस संकट गहराया: “क्या घरों में नहीं जलेगा चूल्हा?”—वसीम खान का सवाल

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रायगढ़ जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री वसीम खान ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया है।

केंद्र की विदेश नीति पर उठाए सवाल

वसीम खान ने कहा कि देश में गैस संकट की जड़ें केंद्र सरकार की गलत विदेश नीति में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच केंद्र सरकार आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही है।

उन्होंने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रियता के बावजूद आम जनता की रसोई प्रभावित हो रही है और सरकार संकट के समय आपूर्ति बनाए रखने में नाकाम रही है।

साय सरकार पर उदासीनता का आरोप

राज्य सरकार को घेरते हुए वसीम खान ने विष्णुदेव साय की सरकार पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में लोग गैस एजेंसियों के बाहर घंटों लाइन में खड़े हैं और ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है।

कालाबाजारी और महंगे दाम पर सवाल

वसीम खान ने आरोप लगाया कि जिले में खुलेआम कालाबाजारी हो रही है और लोगों को 1200 से 1500 रुपये तक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि इस पर रोक लगाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

सरकार से तीन बड़े सवाल

कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार से तीन प्रमुख सवाल पूछे:

  • कालाबाजारी पर रोक क्यों नहीं लगाई गई?
  • सप्लाई चेन की निगरानी क्यों कमजोर है?
  • आम जनता को राहत देने के लिए क्या योजना है?

कांग्रेस की मांग और चेतावनी

कांग्रेस ने मांग की है कि जिला प्रशासन गैस एजेंसियों का स्टॉक ऑडिट कराए और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही राज्य सरकार केंद्र से समन्वय कर रायगढ़ के लिए गैस का कोटा बढ़वाए।

वसीम खान ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर आंदोलन करेगी।

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