नारायणपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: दिवालूर में नया कैंप स्थापित, नक्सल मुक्त अभियान को मजबूती

2 Min Read
📊 Post Views: 5 Views

नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने दुर्गम पर्वतीय इलाके दिवालूर में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया है। यह वही क्षेत्र माना जाता है जहां कुख्यात माओवादी बसवा राजू को पहले मार गिराया गया था।

दुर्गम क्षेत्र में सुरक्षा का विस्तार

पुलिस के अनुसार, दिवालूर क्षेत्र लंबे समय से माओवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। अब यहां कैंप स्थापित होने से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को भी राहत मिलेगी। यह कैंप थाना ओरछा क्षेत्र में स्थित है और जिला मुख्यालय से लगभग 96 किलोमीटर दूर है।

‘माड़ बचाओ’ अभियान के तहत बड़ी पहल

यह कार्रवाई नक्सल विरोधी “माड़ बचाओ” अभियान के तहत की गई है। नारायणपुर पुलिस लगातार अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाकों में कैंप स्थापित कर रही है, जिससे सड़क, पुल-पुलिया और अन्य विकास कार्यों को गति मिल सके।

विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा

नए कैंप के स्थापित होने से आसपास के गांव—रेकापारा, कुमनार, गुण्डेकोट, लेकवाड़ा और नेडअट्टे—में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तेज होने की उम्मीद है। साथ ही कुमनार से सोनपुर और भैरमगढ़ तक सड़क कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

कई सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई

इस अभियान में आईटीबीपी की विभिन्न बटालियनों, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवानों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में इस कैंप की स्थापना की गई, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और प्रशासनिक पहुंच दोनों मजबूत हुई है।

लगातार बढ़ रहे सुरक्षा कैंप

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 और 2026 में अबूझमाड़ क्षेत्र में कई नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। दिवालूर में यह वर्ष 2026 का सातवां कैंप है, जो नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

📊 Post Views: 5 Views
TAGGED:
Share This Article