रायपुर, 14 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावर इंजन होने के साथ-साथ अब ग्रीन इकोनॉमी में भी अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सम्मेलन की उपयोगिता इसलिए अधिक बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से नीति निर्माता, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने जलवायु संकट के वर्तमान दौर में केवल चिंतन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में ग्रीन स्टील जैसे नवाचार अपनाए जा रहे हैं ताकि कार्बन फुटप्रिंट कम किया जा सके। भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो सरकार की नीतियों और प्रदेशवासियों की पर्यावरण जागरूकता का परिणाम है।
उन्होंने राज्य में सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जा उत्पादक बनाने, बायो-एथेनॉल जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चलाकर लोगों में पर्यावरण संवेदनशीलता बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए संसाधनों का उपयोग करते समय पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है और वनांचल में वृक्षों को सरना (देवता) के रूप में पूजा जाता है। यह संरक्षण की संस्कृति जनजातीय समाज से सहज रूप से सीखी जा सकती है। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति में हरित पहल को प्राथमिकता देने और इस दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें देने की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में प्रस्तुत शोधों पर आधारित पुस्तक “एब्स्ट्रेक्ट”, सम्मेलन की प्रमुख चर्चाओं पर आधारित “हाइलाइट्स ऑफ द समिट”, तथा जनजातीय कहानियों और परंपराओं पर आधारित “कथा कंथली” का विमोचन किया।
सम्मेलन में मेघालय के लोकायुक्त श्री सी पी मारक, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, पीसीसीएफ श्री व्ही श्रीनिवास राव, विबग्योर फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री शंखदीप चौधरी, विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर, स्कॉलर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

