विश्व महिला दिवस पर बाल विवाह के खिलाफ उठी महिलाओं की आवाज,

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महिलाओं ने निकाला कैंडल मार्च,                        

मंदिरों और गांवों में ली इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने की सामूहिक शपथ

चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड के बंदगांव में 8 मार्च 2026 को विश्व महिला दिवस धूम धाम से मनाया गया। इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत रथ अभियान का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम कर्रा सोसाइटी ऑफ रूरल एक्शन एसेज टू जस्टिस तथा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से भारत सरकार के महिला व बाल विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के तहत बाल विवाह मुक्ति रथ की शुरुआत चक्रधरपुर से की गई, जो विभिन्न गांवों में जागरूकता फैलाते हुए बंदगांव प्रखंड तक पहुंचा। रथ यात्रा के दौरान गांव-गांव में बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।  समाज से इस सामाजिक कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने का संदेश दिया गया। अभियान के क्रम में रथ यात्रा केरा मंदिर और कंसरा मंदिर पहुंची, जहां मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं पुजारी(पंडितजी) की उपस्थिति में बाल विवाह उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ ली गई।

इसके पश्चात बाल विवाह मुक्ति रथ पुनः लौड़िया गांव पहुंचा, जहां स्वयं सहायता समूह (SHG), महिलाओं और किशोरी बालिकाओं ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं एवं SHG समूहों द्वारा कैंडल मार्च निकालकर समुदाय को बाल विवाह रोकने तथा बेटियों के अधिकारों की रक्षा करने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सिलफोरी पंचायत की मुखिया श्रीमती Melani Bodra उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में लौड़िया गांव के SHG समूह, सामाजिक कार्यकर्ता, बच्चे, सरकारी फ्रंटलाइन कार्यकर्ता तथा Karra Society for Rural Action के राज्य एवं जिला स्तरीय कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को जागरूक करना तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त कर बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

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