पीएम मोदी: रिफॉर्म्स की सफलता के लिए घोषणा नहीं, जमीनी क्रियान्वयन जरूरी

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है और इसे गति देने के लिए केवल नीतिगत घोषणाओं पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बेहतर डिलीवरी और जमीनी प्रभाव पर फोकस करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने वेबिनार में उद्योग जगत और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रिफॉर्म का मूल्यांकन घोषणाओं से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक प्रभाव से होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों की साझेदारी से ही सुधार के परिणाम दिखाई देंगे।

निवेश और बांड मार्केट सुधार पर जोर

पीएम मोदी ने उद्योग जगत से कहा कि वे नए निवेश और इनोवेशन के साथ आगे आएं। उन्होंने बताया कि विदेशी निवेश फ्रेमवर्क को सरल बनाने और बांड मार्केट को अधिक सक्रिय बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। बांड की खरीद-बिक्री प्रक्रिया को आसान किया जा रहा है, ताकि लंबी अवधि की वित्तीय व्यवस्था मजबूत हो।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में सरकारी पूंजीगत खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। 11 साल पहले यह 2 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्तमान बजट में बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी और वित्तीय नवाचार देश के सतत विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।

रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर और मंत्रियों का एजेंडा

पीएम मोदी ने रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर विकसित करने का सुझाव दिया, जिसमें सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थाएं और विशेषज्ञ मिलकर साझा संकल्प बनाएंगे। उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे आगामी वर्षों में अपने मंत्रालयों में किए जाने वाले सुधारों और पहलों के बारे में विस्तृत नोट तैयार करें, ताकि इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेश किया जा सके।

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